आयकर विभाग ने गुरुवार को कहा कि कर माफी योजना के तहत घोषित आय पर कर भुगतान के लिए 500 और 1,000 रुपए के प्रतिबंधित नोट का उपयोग 30 दिसंबर तक किया जा सकता है। सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई), 2016 के लिए कराधान और निवेश व्यवस्था लेकर आई है। इसके तहत जिसके पास भी अघोषित आय है, उन्हें कर, जुर्माना और अधिभार के रूप में 50 प्रतिशत देकर पाक साफ होने का एक मौका दिया गया है। साथ ही उन्हें 25 प्रतिशत राशि बिना ब्याज वाले जमा योजना में चार साल के लिए लगानी होगी।
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, 'पीएमजीकेवाई के तहत कर, अधिभार, जुर्माने के भुगतान तथा जमा के लिए 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट का उपयोग किया जा सकता है' ।पीएमजीकेवाई योजना 17 दिसंबर 2016 को खुली और लोग अघोषित आय के बारे में खुलासा 31 मार्च 2017 तक कर सकते हैं।
बयान के अनुसार, योजना के तहत कर, अधिभार तथा जुर्माना का भुगतान चालान आईटीएनएस-287 के जरिए किया जाएगा और जमा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2016 में की जानी है।
सरकार ने आठ नवंबर को उच्च राशि के नोटों पर पाबंदी लगाने के बाद प्रतिबंधित मुद्रा बैंक खातों में 30 नवंबर तक जमा कराने की अनुमति दे दी। अघोषित आय का एक चौथाई हिस्सा नकद में पीएमजीके जमा योजना 2016 में जमा की जा सकती है। इस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। शेष 25 प्रतिशत राशि संबंधित व्यक्ति अपने बैंक खाते में रख सकता है। तीस दिसंबर के बाद कर के साथ-साथ जमा चैक या आरटीजीएस के जरिये करना होगा।
वहीं, योजना के तहत कालाधन की घोषणा नहीं करने और उसे कर रिटर्न में आय के रूप में दिखाए जाने पर कर और जुर्माने के रूप में 77।25 प्रतिशत लगेगा। अगर योजना के तहत खुलासा नहीं किया जाता है तो कर पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा जाएगा और अभियोजन भी चलाया जाएगा।
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