8 नंवबर की रात मेरे पास मेरे मित्र शांतनु का फोन आता है, दूसरी तरफ से जोर-जोर आवाज आती है बताइए ये सरकार क्या करना चाह रही है, जनता तो पागल हो जाएगी सरकार के ऐसे फैसलों से, मैं रेलवे स्टेशन पर खड़ा हूं टिकट लेने के लिए लेकिन रेलवे के टिकट विंडो पर बैठे कर्मचारी 500 और 1000 रुपए का नोट लेने से मना कर रहे हैं बताइए मैं क्या करूं? एक सांस में शांतनु ने मुझसे इतने सारे सवाल किए कि मैं भी एक बार तो सोच में पड़ गया। ये कोई किस्सा नहीं बल्की सत्य घटना है।

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आम आदमी की पीड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद से ही लोगों में अफरातफरी मच गई। लोग इस बात से परेशान हो गए कि आखिर उनके पास पड़े 500 और 1000 रुपए के नोट का क्या होगा। एटीएम, पेट्रोल पंप पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं। आश्चर्य की बात तो ये है कि पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों ने नोट लेने से साफ इंकार कर दिया। इस घटना से आम जनता काफी परेशान हुई। पूरे देश में इस ऐतिहासिक फैसले के बाद लोगों की दिलचस्प प्रतिक्रियाएं आईं। दिल्ली, लखनऊ, पटना, भोपाल, जयपुर या फिर दक्षिण और पश्चिम के राज्य हर जगह लोगों ने अपनी सुविधानुसार इस फैसले पर टिप्पणी की। यह तो थी आम आदमी की परेशानी जिसके बारे में पहले जानना ज्यादा जरूरी है, अब कालाधन रखने वाले भ्रष्टाचारियों की क्या हालत हुई होगी इसके बारे में आग पढ़िए।

कालाधन रखने वालों की रात काली

8 बजे पीएम मोदी ने घोषणा की, कि 500 और 1000 रुपए के नोट 8 नवंबर रात 12 बजे के बाद कानूनी रूप से अमान्य घोषित हो जाएंगे। इन नोटों की कोई कीमत नहीं रह जाएगी। इस इस फैसले के बाद से भ्रष्टाचार में डूबे कालाधन रखने वाले तमाम लोग चौंक गए होंगे। क्योंकि उन्हें कोई मौका नहीं मिलेगा कि वह अपने कालेधन को सफेद कर सकें। तमाम भ्रष्टाचारी सन्न रह गए कि अब वह जाएं तो जाएं कहां। बैंक में पैसे जमा करेंगे तो उनकी पहचान हो जाएगी। किसी अन्य के जरिए पैसे जमा कराएंगे तो उस व्यक्ति की पहचान और जिस अकाउंट में रकम जमा हो रही है उस अकाउंट धारक की डिटेल बैंक खुद ही आयकर विभाग को दे देगा। अब आखिर इस परेशानी से निपटा कैसे जाए। यकीन मानिए कालाधन रखने वालों के लिए 8 नवंबर 2016 की रात उनके जिंदगी की सबसे काली रात रही होगी।

जाली नोट पर एक झटके में वार

हाल ही में रिपोर्ट आई थी कि देश में 16.5 लाख करोड़ से ज्यादा का कालाधन कैश के रूप में फैला हुआ है। इसमें अधिकतर 500 और 1000 रुपए के नोट शामिल थे। अब सरकार के ताजा फैसले से ये सारा का सारा कालधन एक बार में ही रद्दी बन गया है।

क्या करे आम आदमी

प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े ही साफ और स्पष्ट लहजे में कहा कि देशवासियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, उनके पास 50 दिन का वक्त है और वह इन 50 दिनों अपने पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बदल सकते हैं। पीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार, कालेधन और जाली नोट के कारोबार को रोकने के लिए ये ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। पीएम ने कहा कि ऐसे नागरिक जो संपत्त मेहन और ईमानदारी से कमा रहे हैं उनके हितों की रक्षा सर्वोपरि है। पीएम ने यह भी कहा कि 100 रुपए, 50 रुपए, 20 रुपए, 10 रुपए, पांच रुपए, 2 रुपए, एक रुपए और सभी प्रचलित सिक्के पहले की ही तरह मान्य होंगे।

जाली नोट का कारोबार ठप!

देश में जाली नोट का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा था, पड़ोसी देश पाकिस्तान देश की आर्थिक हालत को अस्थिर करने के लिए विभिन्न माध्यमों से हमारे देश में 500 और 1000 रुपए के जाली नोट भेजता था। समय-समय पर इस पर कार्रवाई भी होती है लेकिन समस्या वैसी की वैसी बनी रहती है अब इस फैसले से जाली नोट का कारोबार करने वालों की सारी काली मंशाएं धरी की धरी रह जाएंगी।

11 नवंबर से सामान्य हो जाएगी सारी व्यवस्था

देश में 11 नवंबर से नए नोट पूरी तरह से प्रचलन में आ जाएं। सभी एटीएम और बैंक 9 नवंबर तक बंद रहेंगे। ताकि नए नोट बैंक और ATM में डाल दिए जाएं। 10 नवंबर से लोग नोट बदल सकेंगे और एटीएम से कैश निकाल सकेंगे।

क्या होगा असर

  • देश में अगले कुछ महीनों तक कैश फ्लो में कमी आएगी
  • प्रॉपर्टी के दाम घट सकते हैं, क्योंकि अधिकतर प्रॉपर्टी डीलर कैश में ही भुगतान चाहते हैं।
  • शेयर बाजार की चाल धीमी पड़ सकती है।
  • देश में महंगाई में कमी आ सकती है
  • कुल मिलाकर कहा जाएगा तो इस इस फैसले जहां भ्रष्टाचारी दंग रह गए हैं वहीं आम आदमी भी परेशान है। लेकिन इस फैसले का असर भ्रष्टाचारियों पर दूरगामी और आम आदमी पर महज 24 से 48 घंटे तक का है।