देश में बढ़ती बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुए केंद्र की मोदी सरकार युवाओं को उनका खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित कर रही है। इसके लिए सरकार युवाओं की आर्थिक मदद भी करेगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस विषय में कहा कि देश भर में युवाओं को रोजगार देने के मकसद से छोटे कस्बों में BPO यानि बिजनेस प्रॉसेस आउटसोर्सिंग कॉल सेंटर यूनिट्स के जरिए 9000 सीटों को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि हाल ही में वह बैंगलोर गए थे जहां उत्तर भारत यानि उत्तरप्रदेश और बिहार के युवाओं ने इस तरह के कार्यक्रम को शुरू करने के लिए कहा था। प्रसाद ने बताया कि ज्यादातर युवा अपने कस्बों में रहकर काम करना चाहते हैं। रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि अपने आस-पास के इलाके में जब युवाओं को काम मिलना शुरू होगा तो उन्हें अपना पैतृक स्थल छोड़कर जाने की जरूरत नहीं होगी।
छोटे कस्बों में नौकरी देने की सरकार की यह योजना बेदह प्रभावशाली है। इस स्कीम के तहत बीपीओ शुरू करने वाले युवाओं को सरकार की तरफ से 50 फीसदी निवेश की मदद मिलेगी। इस स्कीम के तहत 48 हजार से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी।
आईटी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि भारत की वैश्विक बीपीओ इंडस्ट्री में अकेले 38 फीसदी हिस्सेदारी है साथ ही ये सेक्टर और ज्यादा ग्रोथ के लिए तैयार है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारतीय भाषाओं में शुरू होने वाले बीपीओ सेक्टर्स अच्छा काम करेंगे।
सरकार की इस योजना के जरिए 48 हजार से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी। आईबीपीएस पर केंद्र सरकार करीब 500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस योजना से देश के कई राज्यों में नौकरिया शुरू होंगी। आईबीपीएस स्कीम के तहत सरकार ने 2011 की जनगणना को आधार बनाया है। इस आधार पर राज्यों में 48,300 बीपीओ की नौकरियां तय की गई हैं। नौकरियों के बंटवारे में बीपीओ के मौजूदा केंद्रो को बाहर रखा गया है।
इस स्कीम में बड़े शहरों की जनसंख्या को राज्य की जनसंख्या से हटाकर गणना की गई है। दिल्ली, दिल्ली एनसीआर, मुंबई, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई आदि शहरों की जनसंख्या को घटा कर आंकड़े दिए गए हैं। इस स्कीम में किसी भी राज्य में न्यूनतम सीटों की संख्या 100 रखी गई है।
इंडिया बीपीओ प्रमोशन स्कीम यानि IBPS को सरकार छोटे शहरों में बढ़ाना चाहती है। इसके लिए सरकार ने 37 हजार सीट के आवेदन मांगे हैं। सरकार बीपीओ शुरू करने के लिए कई तरह के इन्सेंटिव दे रही है साथ ही इस योजना से करीब 1 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार एक सीट पर एक लाख रुपए तक की वित्तीय मदद करेगी। वहीं बीपीओ शुरू करने के लिए 50 फीसदी तक की वित्तीय मदद देगी। अगर आप 100 सीटों का बीपीओ सेंटर शुरू करना चाह रहे हैं तो सरकार आपकी 1 करोड़ रुपए तक की मदद करेगी। वहीं अगर कर्मचारियों में 4 या उससे ज्यादा दिव्यांग कर्मचारी हैं तो सरकार उनके लिए 2 प्रतिशत ज्यादा लाभ देगी।
इस स्कीम का सबसे बड़ा लाभ है कि बीपीओ में जितने ज्यादा कर्मचारी होंगे सरकार की तरफ से उतना ही ज्यादा सपोर्ट मिलेगा। 100 कर्मचारी रखने पर 5 प्रतिशत ज्यादा मदद दी जाएगी वहीं 125 कर्मचारी होने पर 7.5 फीसदी ज्यादा मदद दी जाएगी और अगर 150 कर्मचारी होंगे तो 10 फीसदी ज्यादा मदद सरकार की तरफ से दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने तीन शिफ्ट के आधार पर तीन गुना कर्मचारी स्टैंड बनाया है।
उत्तरप्रदेश- 6615, बंगाल-3300, मध्यप्रदेश-3100, राजस्थान-3000, बिहार- 2865, गुजरात-2700, तमिलनाडु-2100, कर्नाटक-1900, महाराष्ट्र-1500, केरल-1300, आंध्र प्रदेश-1250, पंजाब-1200, तेलंगाना-1200, उड़ीसा-1150, झारखंड-1000, हरियाणा-1000, छत्तीसगढ़-700, उत्तराखंड-350, जम्मू-कश्मीर-250, हिमाचल प्रदेश-150
इस योजना के लिए कंपनी एक्ट-1956 या फिर नए कंपनी कानून-2013 के तहत ही कंपनिया आवेदन की पात्र होंगी। इसके अलावा पिछले तीन साल में कंपनी को 5 करोड़ वार्षिक का टर्नओवर दिखाना होगा। इस विषय में ज्यादा जानकारी के लिए- http://meity.gov.in/sites/upload_files/dit/files/IBPS_RFP_17_08_2016.pdf लिंक पर जाकर पूरा विवरण देखें।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग