कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानि EPFO ने कर्मचारियों की पेंशन स्कीम को बेहतर बनाने और ज्यादा लाभ देने के लिए पीएफ (PF) नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। EPFO ने अपने सदस्यों के लिए ऑनलाइन सर्विस भी शुरु की है। EPFO ने किन नियमों में बदलाव किए हैं ये जानना आपके लिए बेहद जरूरी है ताकि आप नए नियमों की जानकारी हासिल करके लाभ उठा सकें।
EPFO ने अपने सदस्यों के लिए बीमा कवर को बढ़ा दिया है। पहले ये बीमा कवर 3.6 लाख रुपए तक था जिसे अब बढ़ाकर 6 लाख रुपए कर दिया गया है। इस नियम के मुताबिक सदस्य की मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार को 6 लाख रुपए मिलेंगे। EPFO अपने मेंबर्स को कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना के तहत जीवन बीमा कवर देता है।
कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना का लाभ लेने के लिए पहले सदस्य को एक साल तक नौकरी करनी होती थी। लेकिन अब EPFO ने इस नियम को बदल दिया है। जीवन बीमा कवर के लिए कर्मचारी को एक साल तक नौकरी करने की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया गया है।
EPFO ने इनऑपरेटिव खातों पर भी ब्याज देने का फैसला किया है। इनऑपरेटिव खातों उसे कहते हैं जिसमें 36 महीने (3 साल) तक किसी तरह का लेन-देन नहीं होता है। पहले EPFO ऐसे खातों पर 3 साल के बाद ब्याज देना बंद कर देता था।
EPFO ने न्यूनतम वेतनमान को बढ़ा दिया है। अब 15,000 रुपए या इससे कम वेतन पाने वाले कर्मचारी पीएफ अंशधारक बन सकेंगे। EPFO के इस कदम से उसके सदस्यों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही लाखों कर्मचारी EPFO के दाएरे में आ जाएंगे।
अब नौकरी बदलने पर आपको पीएफ खाता ट्रांसफर कराने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस जटिल प्रक्रिया को अब और भी आसान कर दिया गया है। EPFO ने पीएफ खाता ट्रांसफर करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की है। जिन कर्मचारियों का UAN नंबर जारी हो गया है वह और भी आसानी से अपना पीएफ खाता ट्रांसफर करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
पहल पीएफ का बैलेंस जानने के लिए आपको बार-बार कंपनी से पूछना पड़ता था लेकिन अब ये समस्या हल हो गई है। अब कर्मचारी ऑनलाइन ही अपने पीएफ खाते की जानकारी पा सकेंगे साथ ही उन्हें पीएफ खाते में डिपॉजिट होने वाले पैसे की भी पूरी जानकारी मिलेगी।
EPFO ने अपने फंड की कुल जमा राशि का 10 फीसदी हिस्सा शेयर बाजार में निवेश करने का फैसला लिया है। इससे पहले EPFO ने 5 फीसदी की रकम शेयर बाजार में निवेश की थी। चुंकी शेयर बाजार में जोखिम ज्यादा रहता है इसलिए मार्केट रिस्क को ध्यान में रखते हुए EPFO सिर्फ 10 प्रतिशत राशि ही निवेश कर रहा है।
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