पोस्ट ऑफिस में, डाकघर बचत योजना, पांच वर्षीय बचत योजना आवर्ती जमा खाता, डाकघर सावधि जमा खाता, डाकघर मासिक आय खाता योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, 15 वर्षीय लोक भविष्य निधि खाता, राष्ट्रीय बचत पत्र हैं जिनके जरिए आम आदमी आसान निवेश में बचत योजना शुरु कर सकता है।
डाकघर की मासिक आय खाता योजना खासकर ऐसे निवेशकों के लिए है जो एकमुश्त राशि का निवेश कर मासिक आधार पर ब्याज कमाना चाहते हैं। यह योजना रिटायर्ड कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है। इस खाते की परिपक्वता अवधि पांच साल होती है, इसमें खाता धारक को एकमुश्त जमा पर हर माह ब्याज मिलता है। वर्तमान में इस बचत योजना में 8.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। यह सिंगल और ज्वाइंट दोनों तरह से ही खोला जा सकता है। सिंगल खाता खोलते वक्त 1,500 और अधिकतम 4.5 लाख रुपए का निवेश कर सकते हैं। जबकि ज्वाइंट खाते में अधिकतम 9 लाख रुपए तक जमा कर सकते हैं।
पीपीएफ अकाउंट वेतनभोगी और व्यापार करने वाले दोनों वर्ग के लिए निवेश का एक बेहतर विकल्प है। इसमें एक वित्तवर्ष में अधिकतम एक लाख रुपए तक के निवेश पर कर में कटौती का लाभ मिलती है, इसे या एकमुश्त या फिर 12 किश्तों में जमा कर सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट नाबालिग और बालिग दोनों ही व्यक्ति का हो सकता है। इसकी परिपक्वता अवधि 15 साल है, प्रत्येक वित्तवर्ष में न्यूनतम 500 रुपए का निवेश जरूरी है, इस पर 8.80 फीसदी ब्याज मिलता है, पीपीएफ खाते पर खाताधारक को 2 फीसदी सालाना ब्याज पर लोन की भी सुविधा है।
इस निवेश को सबसे ज्यादा सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाला निवेश माना जाता है। इस योजना को सरकारी कर्मचारी, बिजनेसमैन और कर अदा करने वाले अन्य वेतन भोगियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। इसमें निवेश की कोई सीमा नहीं होती है। आपको बता दें कि राष्ट्रीय बचत पत्र दो तरह के होते हैं पहल है, टाइप-1 (VIII इश्यू) और दूसरा, टाइप-2 (IX इश्यू)।
इस इश्यू के अंतर्गत धारा 80सी के तहत सालाना 1 लाख रुपये तक कर में कटौती का लाभ मिलता है। इस पर ब्याज दर फिलहाल 8.60 फीसदी है। इसकी परिपक्वता अवधि पांच साल है। इस योजना में ट्रस्ट और एचयूएफ निवेश नहीं कर सकते हैं।
इसमें में भी निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इसकी परिपक्वता 10 साल है। इसके अंतर्गत 8.90 फीसदी ब्याज मिलता है। दोनों ही स्थिति में न्यूनतम 100 रुपए का निवेश होना चाहिए। निवेश 100, 500, 1,000, 5,000 और 10,000 के गुणक में होना चाहिए।
इस बचत योजना में पांच वर्ष के लिए खाता जारी रहता है। इसमें जमा राशि पर 8.40 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है। इस बचत योजना में एक साल के बाद 50 फीसदी रकम निकलाने की व्यवस्था है। इस खाते की परिपक्वता पांच साल होती है। प्रति माह इसमें 10 रुपये का निवेश जरूरी है। इस पर खाताधारक को 8.40 फीसदी ब्याज मिलता है।
डाकघर सावधि जमा खाते में आपको 8.50 % की दर से ब्याज मिलता है। ये ब्याज दर आपको पांच वर्षीय खाते पर मिलता है। इस योजना में शुरुआती ब्याज की दर 8.20 फीसदी होती है। एक साल के लिए ब्याज दर 8.20 फीसदी, दो साल के लिए 8.30 फीसदी, चार साल के लिए ब्याज दर 8.40 फीसदी और 5 साल के लिए ब्याज दर 8.50 फीसदी रहती है। यह खाता व्यक्तिगत तौर पर खोला जा सकता है। सावधि जमा खाते पर आयकर अधिनियम 80c के तहत आयकर से छूट मिलती है।
डाकघर की मासिक आय खाता योजना खासकर ऐसे निवेशकों के लिए है जो एकमुश्त राशि का निवेश कर मासिक आधार पर ब्याज कमाना चाहते हैं। यह योजना रिटायर्ड कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है। इस खाते की परिपक्वता अवधि पांच साल होती है, इसमें खाता धारक को एकमुश्त जमा पर हर माह ब्याज मिलता है। वर्तमान में इस बचत योजना में 8.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। यह सिंगल और ज्वाइंट दोनों तरह से ही खोला जा सकता है। सिंगल खाता खोलते वक्त 1,500 और अधिकतम 4.5 लाख रुपए का निवेश कर सकते हैं। जबकि ज्वाइंट खाते में अधिकतम 9 लाख रुपए तक जमा कर सकते हैं।
यह बचत योजना 60 साल के ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश और रिटर्न का एक नया विकल्प है। हालांकि, 55 साल से 60 साल की उम्र के बीच में रिटायर होने वाले या वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने वाले व्यक्ति भी रिटायरमेंट के तीन माह पहले यह खाता खोल सकते हैं। यह खाता पत्नी के साथ ज्वाइंट खाता के रूप में भी खोला जा सकता है। एक हजार रुपए से यह खाता खोला जा सकता है। इसमें अधिकतम निवेश की सीमा 15 लाख रुपए है। इस अकाउंट की परिपक्वता पांच साल है, इससे पहले इसमें से निकासी नहीं हो सकती है। हालांकि, तीन साल बाद इसे बंद किया जा सकता है लेकिन ऐसी स्थिति में 1.5 फीसदी कम ब्याज मिलेगा। इस पर सालाना 9.30 फीसदी ब्याज मिलता है। जमाकर्ता परिपक्वता के बाद इसे और तीन साल के लिए बढ़ा सकता है। इस योजना में नामिनी की सुविधा है। आयकर की धारा 80सी के तहत इसमें जमाकर्ता को कर में कटौती का लाभ मिलता है। 10 हजार से अधिक की ब्याज आमदनी पर टीडीएस कटता है।
भले ही तकनीक हर घर हर हाथ में पहुंच गई हो लेकिन आज भी गांवों में बैंको की जटिलता को कम ही लोग समझते हैं। पुराने लोग डाकघर की बचत योजनाओं के बारे में जानते थे और उसका लाभ उठाते थे। नई पीढ़ी पहले पोस्ट से कटी फिर पोस्ट ऑफिस से इसलिए ऐसी योजनाओं के बारे में युवाओं को बहुत कम जानकारी है। वास्तव में अगर देखा जाए तो ये ये योजना नौकरीपेशा युवाओं के लिए बेहतर भी है और उपयोगी भी।
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