भारत में हर काम-काजी व्यक्ति को अपनी आय में से कुछ हिस्सा, कर के रूप में सरकार को देना पड़ता है जिसे सरकार, अपनी नीतियों के अनुसार देशवासियों के हित में विभिन्न कार्यों के लिए निवेश कर देती है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि भारत में कुछ प्रकार की आय में कर नहीं लगता है। जी हां, भारत में दस प्रकार की आय में कर नहीं लगता है, ये आय पूर्णत: कर मुक्त होती हैं।
आइए जानते हैं इन करमुक्त आयों के बारे में:
भारत में कृषि से होने वाली आय पूरी तरह से करमुक्त है। भूमि से होने वाली आय या खेत बंटाई पर उठाने से होेने वाली आय भी आयकर छूट के लिए पात्र होती है।
सेवानिवृत्ति के समय, एक कर्मचारी के द्वारा अवकाश नकदीकरण, करमुक्त होती है। सरकार के द्वारा निर्दिष्ट रूप में अधिकतम राशि, 3,00,000 रूपए है।
एक कर्मचारी, यात्रा रियायत के संदर्भ में धारा 10(5) के तहत छूट का दावा कर सकता है। छूट, कर्मचारी और उसके परिवार के सदस्यों के लिए यात्रा रियायत के मूल्य के संदर्भ में उपलब्ध है।
जीवन बीमा योजना के तहत प्राप्त कोई भी राशि, बोनस सहित भी कर से मुक्त होती है। ध्यान रहें कि यह छूट, जीवन बीमा पॉलिसी से प्राप्त राशि के ही संदर्भ में उपलब्ध है।
अगर किसी सरकारी कर्मचारी को पेंशन मिलती है तो उसे सरकार को किसी प्रकार का कर नहीं देना होता है। उसे मिलने वाली पेंशन, करमुक्त होती है। अगर कर्मचारी को ग्रेच्युटी प्राप्त होती है, तो पेंशन की 1/3 रूपान्तरित वैल्यू, छूट में आती है; अन्यथा पेंशन की 1/2 रूपान्तरित वैल्यू में छूट दी जाती है।
अगर आपके बचत खाते में पड़ी हुई राशि से 10,000 तक का ब्याज आता है तो कर की वसूली नहीं की जाती है। यह, आयकर के उद्देश्य के लिए कुल सकल आय में शामिल नहीं है। लेकिन अगर इससे ज्यादा ब्याज मिलता है तो ब्यौरा न देने की स्थिति में कर काट लिया जाता है।
किसी फर्म से पार्टनर के द्वारा प्राप्त लाभ की साझेदारी, पार्टनर के पक्ष में पूरी तरह से करमुक्त होती है। यह छूट, फर्म/एलएलपी से पार्टनर के द्वारा प्राप्त पूंजी और पारिश्रमिक पर ब्याज के लिए लागू नहीं होती है और लाभ की साझेदारी के लिए सिर्फ सीमित नहीं रह जाती है।
स्टॉक या म्यूचुअल फंड में निवेश के द्वारा लाभांश के रूप में प्राप्त कोई आय, निवेशक के लिए करमुक्त होती है।
लम्बी-अवधि पूंजी सम्पत्ति के स्थानांतरण से प्राप्त होने वाली आय, आयकर के अंर्तगत नहीं आती है। हालांकि, ये स्थानांतरण, लेनदेन प्रतिभूति कर के तहत आते हैं।
एचयूएफ परिवार से प्राप्त किसी भी राशि, या अविभाज्य संपत्ति के मामले में, ऐसे एचयूएफ के किसी सदस्य के द्वारा परिवार की सम्पत्ति की आय से प्राप्त राशि, करमुक्त होती है।
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