रिलायंस लाइफ इंसोरेंश कम्पनी ने रिलायंस लाइफ सेंविंग प्लान की घोषणा हाल ही में की गई। इस योजना के तहत किसी व्यक्ति का दुर्भाग्यवश आकिस्मक निधन होने पर उस व्यक्ति के परिवार को जीवनभर सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

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इस प्लान के लिए सात वर्ष से 55 वर्ष तक आयु निर्धारित की गर्इ है। पॉलिसी का टर्म 15 से 30 वर्ष तक की अवधि का होगा। प्रिमियम 12,000 रुपया प्रतिवर्ष से प्रारम्भ होगा तथा इसके बीमे का न्यूनतम बेस 80,000 रुपये हैं।

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पढ़ें- Extra Income के पांच साधन

रिलायंस लाइफलोंग सेविंग प्लान किसी के साथ जुड़ा हुआ नहीं है, निवेश किया गया धन पूर्णतया सुरक्षित रहता है, जो पूरे जीवन का इंश्योरेंश प्लान है।

यहां इस प्लान की पांच विशेषताएं निम्न हैं-

1. फ्लेक्सिबल कवर ऑप्शन- इस प्लान में इसके दो विकल्प हैं: एक- स्टेन्डर्ड परिपक्कता पर एक निश्चित राशि का भुगतान और पॉलिसी टर्म के दौरान मृत्यु होने पर जीवन सुरक्षा। दो- एक्सटेंडेड कवर- स्टेन्डर्ड परिपक्कता पर एक निश्चित राशि का भुगतान और पॉलिसी टर्म के दौरान मृत्यु होने पर जीवन सुरक्षा। पॉलिसी का टर्म समाप्त होने के बाद भी पूर्ण जीवन की सुरक्षा को कवर करता है।

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2. यह प्लान पॉलिसी होल्डर को प्रिमियम जमा करने के दो विकल्प देता है, जिसमें एक है- लिमिटेड़ पे, जिसकी अवधि दस वर्ष होती है। दूसरा होता है- रेगुलर पे, जिसके तहत पॉलिसी होल्डर को प्रमिमियम नियमित रुप से जमा कराने की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसकी अवधि -वार्षिक, अर्द्धवार्षिक, त्रेमासिक या मासिक हो सकती है।

3. इस पॉलिसी पर किन्हीं अपरिहार्य कारणों में लोन की सुविधा भी दी जाती है।

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4. इस पॉलिसी के प्रिमियम पर और लाभ पर आयकर छूट का लाभ दिया जाता है।

5. पॉलिसी अवधि के छ: वर्ष बाद जमा राशि पर बोनस का प्रावधान है, जो एकत्रित होता रहता है, जिसका भुगतान टर्म की परिपक्कता अवधि पर किया जाता है, बशर्ते इस पॉलिसी को बीच में ही बंद नहीं किया गया हो।

पॉलिसी के टर्म के अंत में पॉलिसी होल्डर को यह लाभ मिलता है: कुल जमा राशि पर पहले पांच वर्ष बाद चार प्रतिशत वार्षिक की दर पर गारन्टेड़ अतिरिक्त लाभ दिया जाता है।

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परिपक्कता पर गारन्टेड लाभ:

6 वर्ष की अवधि के बाद आपकी बचत पर प्रतिवर्ष बोनस दिया जाता है, वह जुड़ता रहता है। इसके साथ ही यदि टर्मिनल बॉनस होता है, तो उसका लाभ भी मिलता है। इस तरह बचत बढ़ती रहती है और टर्म की परिपक्कता पर सभी लाभ बचत के साथ जोड़ कर पॉलिसी होल्डर को भुगतान किया जाता है।