भारत में 70 फीसदी लोग इश्योरेंस के नाम पर मनी बैक पॉलिसी लेते हैं। जिसमें एक या दो लाख रुपए का बीमा कवर होता है और पॉलिसी मेच्योर होने के बाद पैसा वापस मिल जाता है। टर्म इंश्योरेंस बहुत कम लोग लेते हैं, क्योंकि उसमें पैसा वापस नहीं मिलता। जबकि सच पूछिए तो आज टर्म इंश्योरेंस कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। क्योंकि भले ही आपकी जेब से दो-चार हजार रुपए इंश्योरेंस कंपनी के खाते में चले गये, लेकिन अगर आपको कुछ हो गया, तो आपके परिवार को एक-दो लाख नहीं, पच्चीस से तीस लाख रुपए तक मिल सकते हैं।
परिवार में कमाने वाले व्यक्ति के लिए टर्म इंश्योरेंस, विशेष रूप से बहुत जरूरी होता है। यह उसका कर्तव्य है कि वह अपने परिवार को सुरक्षित बनाएं रखने के लिए ये करवाएं, ताकि अगर दुर्भाग्यवश उन्हें कुछ हो जाएं, तो उनका परिवार सड़क पर न आ जाए। सबसे अच्छा उपाय यह है कि आप टर्म इंश्योरेंस को ऑनलाइन खरीदें, इससे आपके समय और धन, दोनों की बचत होगी।
आपकी जरूरतों और जीवनशैली के अनुसार या उससे मेलजोल खाती हुई योजना मिले, ऐसा आवश्यक नहीं है कि लेकिन आपके परिवार को सुरक्षित ज़ोन में पहुंचाने के लिए सदैव अच्छा विकल्प है। अगर आप इसे खरीदने से पहले 10 लोगों से सलाह लेंगे, तो यह आपको भ्रम में डाल देगा।
A. धूम्रपान, शराब का सेवन, तम्बाकू का सेवन जैसी बातों को पाॅलिसी फॉर्म में न लिखें।
B. अगर कम्पनी, एक्सीडेंट राइडर, प्रीमियम वेबर या क्रिटिकल बीमारी कवर के लिए ऑफर देती है तो इसकी जांच कर लें।
C. यहां तक कि पॉलिसी खरीदने के बाद, आपको लगता है कि आप गलत फंस गए है तो आप पॉलिसी को रिर्टन कर सकते हैं और फ्री लॉक-इन पीरियड के दौरान क्लेम को रिफंड कर सकते हैं।
D. अपने पार्टनर और अपने बच्चों को इसकी जानकारी देकर रखें। सभी दस्तावेज़ों की एक फाइल बना लें, जिसके बारे में उन्हें मालूम हो।
E. टर्म प्लान सिर्फ इंश्योरेंस उद्देश्य के लिए होते हैं और इन्हें निवेश के रूप में नहीं देखना चाहिए।
स्लाइडर में पढ़ें वो बातें जो सीधे तौर पर पॉलिसी से जुड़ी हैं:
प्लान कवरेज, कई बातों जैसे- जीवनशैली, जिम्मेदारी और देनदारियों यानि ऋण, कर्ज पर निर्भर करता है। बीमा राशि को सारी बातों को मद्देनज़र रखते हुए करवाना चाहिए। जब पॉलिसी को परिवार के सदस्यों के लिए करवाया जाता है, तो यह जरूरी हो जाता है कि परिवार के सभी सदस्यों और उनके प्रति आपकी क्या जिम्मेदारी है, को भी ध्यान में रखा जाएं।
कोई भी निवेश करने से पहले, प्रभावी सेटलमेंट प्रकिया की जांच कर लें, जो साधारण, त्वरित और परेशानी मुक्त हों। इसके अलावा, बीमा कम्पनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो भी हो। जिस क्लेम रेशियो का पिछला रिकॉर्ड अच्छा न रहा हो, उसमें निवेश न करें।
कम प्रीमियम का भुगतान करना हो, इसका मतलब यह नहीं कि कम्पनी अच्छी है। कम्पनी का अच्छा होना इस बात पर निर्भर करता है कि आपको क्लेम सेटलमेंट रेशियो कितना मिलता है और वह नॉमिनी को किस प्रकार इसे देता है। प्रीमियम, वार्षिक आधार पर दिए जाते हैं। इसके दीर्घकालिक प्रक्रिया के रूप में खरीदने की क्षमता की जांच भी अवश्य कर लें।
अगर आप दीर्घकालिक योजना को लेने की फिराक में हैं तो मुद्रास्फीति और समय के साथ बढ़ने वाले अन्य खर्चों के बारे में भी विचार कर लीजिए।
अगर किसी दुर्भाग्यवश आपको कुछ हो जाएं, तो किस व्यक्ति को आपके बाद सभी जिम्मेदारियों को संभालना होगा, इस बात को अच्छी तरह सोच लें। इसके बाद ही उस व्यक्ति को अपना नॉमिनी बनाएं। ऐसा न हो, बाद में आपको लगे कि आपने गलत कर दिया।
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