कभी-कभी हम अपने बचत खाताओं में बहुत बैलेंस रखते हैं। यह एहतियात के रूप में हमें रखना पड़ जाता है। हालांकि, इस राशि पर बैंक द्वारा ब्याज दिया जाता है लेकिन यह मात्र 4 प्रतिशत के लगभग ही होता है।
सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक या सरकारी बैंक, 4 फीसदी से अधिक की ब्याज दरें, बचत खाता पर नहीं देती हैं। लेकिन देश में बचत बैंक ब्याज दरों को नियंत्रण मुक्त किया जा रहा है और निवेशकों को संभवत: 4 प्रतिशत से ज्यादा का ब्याज मिल सकेगा।
कई निजी और अनुसूची बैंक द्वारा सामान्यत: यह ऑफर दिया जाता है। यहां कुछ बैंक के नाम बताएं जा रहे हैं जो भारत में बचत खाताओं पर सर्वोत्तम ब्याज दरें प्रदान करते हैं।
यस बैंक
यस बैंक बचत खाता में जमा राशि पर 7 प्रतिशत की ब्याज दर देता था जो कि लगभग एफडी के बराबर ही होती थी। हालांकि, बाद में बैंक ने ब्याज दर कम करते हुए 6 प्रतिशत कर दी। अभी भी, यस बैंक सबसे अच्छी ब्याज दरें, बचत खाता पर प्रदान करती है।
कोटक महिन्द्रा बैंक
कोटक महिन्द्रा बैंक भी बचत खाते में बैलेंस पर सलाना 6 प्रतिशत की दर से ब्याज देती है। यह यस बैंक के बराबर ही ब्याज राशि प्रदान करती है।
इंडसइंड बैंक
अगर आपका इंडसइंड बैंक में खाता है और उसमें 10 लाख की राशि जमा है तो बैंक आपको 6 प्रतिशत की ब्याज दर देगी। इससे कम जमा राशि होने पर सिर्फ 4 प्रतिशत की ब्याज दर दी जाएगी। यही ब्याज दर, अधिकतर बैंक द्वारा दी जाती हैं।
आरबीएल बैंक (रत्नाकर बैंक लिमिटेड)
आरबीएल बैंक, बचत खाता में जमा राशि पर 7.1 प्रतिशत ब्याज दर देता है लेकिन आपका बैलेंस 10 लाख से अधिक होना चाहिए। यह बचत खाता पर सबसे ज्यादा दी जाने वाली ब्याज दर है। लेकिन अगर बैलेंस 10 लाख से कम और 1 लाख से कम है तो आपको क्रमश: 6.1 और 5.1 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी।
निष्कर्ष : बैंक द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर, अगर 10 हजार रूपए से ज्यादा होती हे तो आपके खाते से टीडीएस कट जाएगा। अधिक ब्याज दर पर भी कर की कटौती की जाती है। इसलिए, सही तरीके से उनका निवेश करना आवश्यक है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!