हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एम केस विधि लांच की है, जिसके तहत एसबीआर्इ कस्टमर केवल मोबाइल नम्बर या र्इमेल आर्इडी से इन्टर बैंकिग द्वारा कहीं पर भी तुरन्त व आसानी से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।

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अब एसबीआर्इ कस्टमर कहीं पर बिना बैंक खाता से संबंधित जानकारी के भी मनी ट्रांसफर कर सकता है। जिस बैंक की शाखा में मनी ट्रांसफर की जाती है वह एसबीआर्इ के अलावा कोर्इ अन्य बैंक भी हो सकती है। एक ट्रांजेक्सन का न्यूनम चार्ज दो रुपए पचास पैसे बैंक द्वारा चार्ज किये जाते हैं।

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मनी ट्रासफर करना

साइन इनटू ऑनलार्इन-एसबीआर्इ या किसी स्टेट बैंक की अन्य शाखा, जो कहीं पर भी स्थित हो स्टेट बैंक के एम-केस में जायें
लिंक करें-बेनिफिसियरी मोबाइल नम्बर, र्इमेल आर्इडी और धनराशि भेजने वाले की र्इमेल आर्इडी और मोबाइल नम्बर की जानकारी होनी आवश्यक है

मनी प्राप्त करना

प्राप्त कर्ता के पास भेजने वाला जो भी माध्यम चुनता है उसके आधार पर र्इमेल आर्इडी या एसएमएस में एक लिंक आता है, जिसमें आठ डिजिट का एक पासकोर्ड होता है, जो कम्युनिकेसन के लिए उपलब्ध कराया जाता है। यह पासकोर्ड एम- केस लिंक के उपयोग करने के लिए आवश्यक रहता है।

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एसबीआर्इ या स्टेटबैंक का ऑनलाइन एम-केस लिंक मोबाइल एप जो कि एनड्राइड प्लेटफार्म पर होती है, पर उपलब्ध होता है। इसी आधर पर फंड प्राप्त करने के लिए क्लेम किया जाता है।

प्राप्त कर्ता के लिए यह जानकारी एन्टर करना आवश्यक रहता है

  • अकाउंट नम्बर
  • आर्इएफएस कोड
  • पास कोर्ड़
  • मोबाइल नम्बर या र्इमेल एडे्रस

आवश्यक विवरण को एन्टर करने के बाद "रीयल टार्इम" में फंड का ट्रांसफर हो जाता है। यह फंड ट्रासफर इन्टरनेट बैंकिग की आर्इएमपीएस सुविधा या फंड फंक्सलिटी द्वारा होता है।