व्यक्ति हमेशा अपने धन को सुरक्षित ढंग से ऐसी जगह निवेश करना चाहता है, जिसमें जोखिम नहीं हों, एक निश्चित रिटर्न मिले और मूल राशि समय पर मिल जाय। वे व्यक्ति जो जोखिम नहीं लेना चाहते, उनके लिए बैंको की फिक्सड डिपाजिट के अलावा कुछ जोखिम रहित विकल्प हैं, जहां वे इनवेस्ट कर सकते हैं।
इस समय बैंकों में ब्याज दर बहुत कम हो गयी है, अत: ज्यादा रिटर्न पाने के लिए इन विकल्पों को चुना जा सकता है-
1) कर रहित बान्ड
जब बांड जारी किये जाते हैं तब इन पर ब्याज दर 7 से 9 प्रतिशत होती है और ब्याज टेक्स फ्री होता है। जो इन टेक्स फ्री बांड को लेने का जिन्हें अवसर नहीं मिलता, वे इन्हें सेकण्ड़री मार्केट से खरीद सकते है। एक बात इसमें यह ध्यान रखनी है कि बॉन्ड़ की कीमत ब्याज दर के अनुपात में हमेशा कम होती है। बहुत सारे बान्ड को सरकारी संस्थाएं पुन: खरीद लेती है, अत: इन्हें खरीदना पूरी तरह सुरक्षित है।
2) डेब्ट म्युचल फंड
डेब्ट म्युचल फंड बैंक डिपाजिट से अधिक रिटर्न देते हैं क्योंकि धन राशि को विभिन्न सरकारी प्रतिभूतियों में और सुरक्षित कारपोरेट बॉन्ड़ में निवेश किया जाता है। इस बात का ध्यान रखें कि डेब्ट म्युचल फंड में ब्याज दर का उतार- चढ़ाव होता रहता है, जो ज्यादा भी हो सकती है।
बैंक जमाओं पर जो ब्याज मिलता है, उसे कुल आय में जोड़ कर उस पर टेक्स की गणना की जाती है, जबकि डेब्ट म्युचल फंड में लाभांश वितरण का विकल्प चुनना निवेशक के हाथ में रहता है, जो कि टेक्स फ्री होता है।
3) मासिक आय योजना
मासिक आय योजना (एमआर्इपी) यह ऋण ओरियेनटेड म्युचयल फंड़ स्कीम है, जिससे आय होती है। इसका अधिकांश भाग डेप्ट फंड़ में निवेश किया जाता है, जिससे एक निश्चित रिटर्न मिलता है। जबकि इसका कुछ भाग इक्वीटी में निवेश किया जाता है, जिससे ज्यादा रिटर्न मिलता है।
सामान्यतया 75 से 80 प्रतिशत ऋण के रुप में रखा जाता है शेष को प्रतिभूति में नकद रखा जाता है।
4) कारपोरेट एसीडी
कारपोरेट बांड में निवेश करने में ज्यादा लाभ मिलता है तथा इसमें निवेश तुलनात्मक रुप से सुरक्षित माना जाता है। ब्याज व परिपक्कता राशि का भुगतान कम्पनी अपने राजस्व से करती है।
5) पीपीएफ एसएससी और एनएससी
लम्बी अवधि के लिए ये सभी सुरक्षित विकल्प हैं। इन सभी में निवेश में तरलता नहीं रहती, क्योंकि परिपक्कता अवधि के पूर्व इनका भुगतान नहीं प्राप्त किया जा सकता।
निष्कर्ष: निवेश के पहले विभन्न तथ्यों का ध्यान रखें, वे हैं- अवधि, ब्याज का भाग और तरलता। इन सभी में जो उल्लेखित किया गया है वे आपके पोर्टफोलियों का एक भाग हो सकता है। ज्यादा जोखिम युक्त निवेश की अपेक्षा इन सभी में जोखिम कम होती है।
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