छोटी-छोटी बचत करने वाले किसान विकास पत्र के जरिये लाखों लोगों ने अपनी बेटियों की शादी निबटा दीं, मकान बना डाले, बच्चों को इंजीनियरिंग, डॉक्टरी पढ़ा डाली, और न जाने कितने काम थे जो केवीपी ने आसान कर दिये। 2011 में जब यह योजना बंद हुई, तब सबसे ज्यादा निराश मध्यमवर्गीय लोग हुए, जो हर महीने-दो महीने पर केवीपी में निवेश करते थे।
खैर अब यह योजना वापस आ गई है। नरेंद्र मोदी सरकार ने उसी छोटी-बचत को बड़ा मानते हुए इसे रीलॉन्च कर दिया है। अब अगर आप इसमें निवेश करना चाहते हैं, और आपके पास डाक घर जाने के लिये समय नहीं है, तो चिंता मत करें। आप बैंक से भी केवीपी प्राप्त कर सकते हैं।
जो बैंक किसान विकास पत्र के लिये अधीकृत हैं वो इस प्रकार हैं-
1) भारतीय स्टेट बैंक
2) स्टेट बैंक ऑफ पटियाला
3) पंजाब नेशनल बैंक
4) बैंक ऑफ बड़ौदा
5) स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर
6) इलाहाबाद बैंक
7) आंध्रा बैंक
8) बैंक ऑफ महाराष्ट्र
9) सेंट्राल बैंक ऑफ इंडिया
10) कॉर्पोरेशन बैंक
11) देना बैंक
12) इंडियन बैंक
13) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
14) यूको बैंक
15) ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स
16) आईडीबीआई बैंक
17) आईसीआईसीआई बैंक
केवीपी पर ब्याज
दिनांक 17 फरवरी 2015 को बैंक व डाकघर से प्राप्त सूचना के अनुसार केवीपी पर 8.67 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है। इसकी सीमा 8 साल एवं 4 माह होती है।
आगे पढ़ें- फिक्स्ड डिपॉजिट करते वक्त 5 बातें जरूर ध्यान रखें।
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