भारत में आप खाद्य वस्तओं, धातु, ऊर्जा और कई अन्य कमोडिटी को खरीदने और बेचने का काम एमसीएक्स के माध्यम से कर सकते हैं। कमोडिटी में कारोबार करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें।

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ज्यादा सौदों के प्रति झुकाव

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आप कमोडिटी में कारोबार करते समय अधिक सौदे कर जाते हैं, क्योंकि इसमें आपको कुल सौदे की राशि का एक नगण्य भाग, जो कि 2-5% ही होता है, का ही भुगतान करना होता हैं। इसका मतलब यह है कि आपका जोखिम बड़ा होता है इसलिए लाभ और हानि की राशि भी अधिक होती है।

इक्विटी की तुलना में अधिक जोखिम

  • कमोडिटी कारोबार में बड़े पैमाने पर वायदा अनुबंध होते हैं, जिन्हें एक समय सीमा में ही समाप्त करना होता है।
  • इसलिए, इनकी शेयरों की भाँति डिलीवरी लेने और जीवन भर रखने की कोई गुंजाइश नहीं होती है।
  • इक्विटी की तरह कोई लाभांश, बोनस, राइट्स इश्यू नहीं होते।
  • इक्विटी के विपरीत, कमोडिटी में कोई लाभांश, बोनस आदि नहीं होता। इसमें अनुबंध की समाप्ति पर हुआ शुद्ध लाभ या हानि ही देय होता है।

कमोडिटी के भाव आम तौर पर अंतर्राष्ट्रीय कीमतों पर चलती हैं

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अधिकांश कमोडिटी अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुरूप ही चलती हैं और इसी के अनुसार बढ़ती-घटती हैं विशेष रूप से सोना और कच्चा तेल। इसलिए, कोई सौदा करने से पूर्व आपको अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की भविष्यवाणी करने में सक्षम होना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आप फेडरल रिजर्व द्वारा क्वान्टिटेटिव ईज़िंग की भविष्यवाणी करने में सक्षम होते तो सोने में तेजी की भविष्यवाणी कर सकते थे। इसी प्रकार, यदि आप इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देख सकते हैं, तो कच्चे तेल के वायदा सौदे को, जो निश्चित रूप से बढ़ेगा, खरीद सकते हैं।

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कमोडिटी कारोबार में लालच से बचें

असामान्य लाभ की तलाश की बजाय यदि आप को लाभ हो रहा हो तो बेहतर है वह लाभ लेकर मन की शांति पायें। यह सिर्फ इसलिए है क्योंकि हम अनिश्चितता भरे माहौल में रहते हैं और आप अगली सुबह भारी नुकसान की स्थिति में आ सकते हैं।