टैक्स बचाना तो एक बहाना है, सच पूछिढ तो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी से आप अपने आने वाले कल को सुरक्षित बनाते हैं। कई बार इस काम में भी लोग छोटी-छोटी भूल कर बैठते हैं, जिस कारण एफडी का जितना लाभ उन्हें मिलना चाहिये, उतना नहीं मिल पाता है।
एफडी वो स्कीम है, जो बैंक एवं डाक घर में चलायी जाती है, जिस पर निर्धारित दर पर ब्याज सहित धन वापस मिलता है। इसकी समय सीमा एक साल से लेकर 9 साल तक होती है। खास बात यह है कि एफडी में पैसा जमा करने पर आयकर के 80सी के अंतर्गत आपको आयकर में छूट मिलती है।
ऐसे में कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। हम आपको बताने जा रहे पांच बातें जो आपके लिये मददगार साबित हो सकती हैं।
जब भी आप एफडी करवायें, तब बैंक की ओर से मिलने वाले सर्टिफिकेट में यह जरूर चेक कर लें कि इस पर आपको आयकर की छूट मिलेगी या नहीं।
एफडी में निवेश कर आप आयकर से छूट प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन आपको यह भी देखना होगा कि जो ब्याज आपको मिलेगा, उस पर आपको आयकर देना होगा।
एफडी को कभी बचत खाते के साथ ऑटो स्वीप के लिये लिंक मत करवायें। ऐसे में रिन्युवल के समय आपके अकाउंट से पैसा कट जायेगा और समय पूरा होने पर आपके अकाउंट में ऑटोमेटिक पैसा आ जायेगा।
एफडी में आपको मालूम होना चाहिये कि पांच साल से ज्यादा की एफडी है, तो आप पांच साल से पहले पैसा निकाल नहीं सकते। ऐसा सिर्फ फर्स्ट होल्डर की मृत्यु होने पर ही संभव है।
कुछ बैंक एफडी के ऊपर पैन नंबर लिखते हैं, कुछ नहीं। यह बात बैंक से सुनिश्चित करें और पैन नंबर चेक करें।
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