अभी फिलहाल आपकी सैलरी पर तीस फीसदी आयकर वसूला जाता है। कई लोग सोचते हं कि यह काफी ज्यादा होता है। भले ही ज्यादा है लेकिन कई सालों की तुलना में यह काफी कम है। 40 साल पहले अधिकतम कर श्रेणी (सालाना 70,000 रुपये से ज्यादा) में आने वाले व्यक्ति को 70 फीसदी आयकर चुकाना होता था। अब तो आयकर सीमा बढ़कर ढाई लाख हो गई है। सोचिए अब तो कई सालों की तुलना मेें कम वसूला जाता है।

बिजनेस स्टैंडर्ड के विश्लेषण के मुताबिक 1980 के दशक के अंत में स्थिति थोड़ी सुधरी थी। क्योंकि छूट सीमा बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दी गई थी।आपको बता दें कि इस समय कर की दरें 10, 20 और 30 फीसदी हैं और साथ में तीन फीसदी शिक्षा उपकर हैं। वहीं 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की आमदनी पर 10 फीसदी अतिरिक्त अधिभार है।

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वर्ष 1974-75 के दौरान आयकर रिटर्न भरना आसान नहीं होता था। एक व्यक्ति को लंबी कतार लगाकर आयकर रिटर्न भरना पड़ता था। लेकिन अब इसके लिेए इतनी मशक्कत नहीं करनी पड़ती।