रुपए की वेल्यू डॉलर से आंकी जाती है। इसी को देखते हुए अगर रुपए में गिरावट होती है तो जानिए इसके क्या कारण हो सकते हैं और उससे आपकी जेब पर कैसे फर्क पड़ता है।
Advertisement
- अमेरिका में अच्छे रोजगार आंकड़ों और हाउसिंग डेटा के बाद अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत देखने को मिल रहे हैं। इससे डॉलर अन्य मुद्राओं के मुकाबले कई महीनों के ऊपरी स्तर पर ट्रेड कर रहा है। जिससे रुपए पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- शेयर बाजार अपने स्तर पर खड़ा है। अगर देखा जाए तो ऐसे में अगर बाजार में मुनाफा वसूली देखने को मिलती है तो इसका भी असर रुपए पर नकारात्मक ही पड़ेगा।
- महीने के अंत में आयात करने वाली कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में रुपए पर दबाव यह देखने को मिलता है कि पहले डॉलर खरीदना पड़ेगा और फिर आयात करना पड़ेगा। यानी यदि डॉलर पहले से ज्यादा महंगा हुआ है तो रुपए ज्यादा देने पड़ेंगे।
- मानसून में रिकवरी देखने को जरुर मिली है। लेकिन आर्थिक जानकार बता रहे हैं कि उत्पादन पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे महंगाई भी बढ़ेगी।
- कुल मिलाकर घाटा बढ़ेगा, महंगाई बढ़ेगी। आपकी जेब पर फर्क तो पड़ेगा ही।
More Articles
- Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित