वर्तमान मेें कुछ ऐसे संकेत मिलने लगे हैं कि जॉब मार्केट सुधर रहा है। वर्ष 2012-13 की तुलना में अब कम्पनियां अपने यहां ज्यादा लोगों को नौकरी पर रख रही हैं। आर्थिक जानकारों का मानना है कि कई कम्पनियां पहले से ज्यादा और अच्छे सैलरी पैकेज ऑफर भी कर रही हैं।

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वहीं कर्मचारियों को बोनस और इंसेंटिव देने में भी कोई कमी नहीं की जा रही है। इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक मैक्सिमा ग्लोबल एग्जेक्यूटिव के बोर्ड में पार्टनर और लीडरशिप हायरिंग करने वाले श्रीनिवास नंदुरी ने बताया कि उन्होंने एक रियल एस्टेट कंपनी के लिए चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर रखवाया है। उनकी फिक्स्ड सैलरी में 5 पर्सेंट, लेकिन वेरिएबल पे में 40 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखी गई है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था से रिशेसन के बादल धीरे-धीरे छंट रहे हैं।