शेयर का अर्थ मानो किसी भी चीज का हिस्सा बाटना या लेना। इसी प्रकार शेयर बाजार में काम कर रहीं विभिन्न कम्पनियों की कम्पनी और उत्पाद का एक हिस्सा खरीदते हैं तो कहा जाता है कि हमने शेयर खरीदा है। इसे हम उदाहरण के माध्यम से आसानी से समझ सकते हैं। जरा गौर करिए। मान लीजिए कि किसी कम्पनी ने पांच लाख रुपए के शेयर मार्केट में जारी किए हैं। अगर इसमें से कुछ अंश हम खरीद लेते हैं तो उस कम्पनी के उतने अंश पर हमारा मालिकाना हक हो जाता है।
खरीदे गए शेयर के अंश को हम कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए बेचने के लिए बाजार में रख सकते हैं। यदि जितने का हम ने उस कम्पनी के शेयर का अंश खरीदा था, उससे ज्यादा कीमत पर यदि बिकवाली हो जाती है तो आपको चांदी हो सकती है यानी आपकी मोटी कमाई भी हो सकती है।
साथ ही रिस्क भी। रिस्क यह है कि यदि कम्पनी को घाटा होता तो आपको भी कुछ न कुछ घाटा जरूर होगा।क्योंकि जितने शेयरों पर आपका मालिकाना हक उस में भी कुछ न कुछ घाटा होगा। यदि कम्पनी मुनाफे में होती है तो शेयर कीमत ऊपर चढ़ने लगती हैं यही वक्त होता है जह शेयर बेचे जा सकते हैं।
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