केंद्र में यूपीए सरकार ने भारतीय डाक में निवेश के बेहतरीन माध्यम किसान विकास पत्र (केवीपी) को बंद कर दिया था, लेकिन छोटे निवेश को बढ़ावा देने के लिये नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। तो आइये जानते हैं आख‍िर क्या होता है केवीपी।

किसान विकास पत्र केंद्र सरकार की एक योजना है। यह निवेश का दीर्घकालिक जरिया है। जिसका लाभ डाकघर से लिया जा सकता है। इसमें निवेश किया जाता है। इसमें न्यूनतम निवेश 100 रुपए तक किया जा सकता है।

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क्या होता है इसमें फायदा

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किसान विकास पत्र स्कीम के जरिए डाक घर में दीर्घकालिक निवेश किया जाता है। इसकी परिपक्व समय अवधि आठ साल की होती है। इन आठ साल में डाकघर आपके निवेश पर 8.40 फीसदी का ब्याज लगाकर देता है।
इसका में यह हानि भी है।

किसान विकास पत्र के तहत जमा किए गए आपके जमाधन पर जितना ब्याज लगता है उस ब्याज पर सरकार टैक्स वसूल करती है।

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यह है आसान

किसान विकास पत्र के तहत आपको अपना जम धन किसी अपने करीबी को ट्रांसफर करने की सुविधा होती है।

क्यों शुरू की गई यह

यह स्कीम छोटी बचत यानी कम आय वाले परिवारों की बचत को बढ़ावा देने के लिए इस स्कीम को शुरू किया गया था।

पहले क्यों बंद किया गया था इसे

गत वर्षों यह स्कीम काफी प्रसिद्ध हुई थी लेकिन इसमें एक खामी सामने आई थी कि किसान विकास पत्र स्कीम में अपना पैसा जमा करते वक्त आय का श्रोत नहीं बताना होता है। और इसे किसी को भी गिफ्ट किया जा सकता है। जिसके कारण काले धन को बढ़ावा मिलने की आशंका थी। इसलिए इसे बंद कर दिया गया था।