चांदी में निवेश क्यों करें-
पिछले 30 वर्षों में चांदी ने 10.2 (सीएजीआर) रिटर्न दिए हैं। चांदी की मांग अधिक होने के दो कारण हैं- एक तो यह औद्योगिक धातु है दूसरे इसमें निवेश करना सुरक्षित विकल्प है। इसलिए ज्यादातर निवेशक इसमें निवेश करना चाहते है। चांदी का प्रयोग कई क्षेत्रों में जैसे उत्पादन, विद्युत, दवाओं और खाद्यय उद्योग में किया जाता है। इसलिए इसकी भारी खपत होती है। ऐसे में चांदी का निवेशकों के लिए महत्व तब तक खत्म नहीं हो सकता जब तक इसके स्थान पर कोई दूसरी धातु न मिल जाए। औद्योगिक प्रयोगों के अलावा अर्थव्यवस्था के सूक्ष्म कारक जैसे ब्याज दर, बजट, मांग-पूर्ति असंतुलन आदि भी चांदी के भाव को पक्ष देते है। अतः चांदी में निवेश करना, अधिक लाभ के लिए भविष्य में एक सुरक्षित फैसला होगा।
चांदी में कैसे करें निवेश-
कई तरीके है जिससे आप चांदी में निवेश कर सकते है, इनमें से कुछ इस प्रकार है-
आभूषण एवं सिक्के-
हम परंपरागत रूप से ज्वैलरी, सिक्के एवं धातु के रूप में चांदी खरीद सकते है। यह निवेशकों को अपना धन सुरक्षित रखने का आसान तरीका है। सिक्के और धातु ज्यादातर रिटेलर द्वारा बेचे जाते है जबकि अब एचडीएफसी और स्कोटिया बैंक भी इसे विक्रय कर रहे है। चांदी को किसी फुटकर विक्रेता से खरीदना हमेशा संदेहास्पद होता है ऐसे में इसे किसी ब्रांडेड रिटेलर या बैंक से लेना सुरक्षित होता है।
ई-चांदी-
नेशनल स्पॉट एक्सचेज लिमिटेड, जो कि एक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज है, में डी- मैट एकाउण्ट द्वारा ई-चांदी में निवेश कर सकते है। आप इसे प्रत्यक्ष बेचना चाहते है तो बेंच सकते है। आप इसे छोटी-छोटी मात्राओं में भी बेंच सकते है। जैसे कि एक यूनिट। जो कि 500 ग्राम के गुणन में भी उपलब्ध है।
सिल्वर फ्यूचर्स-
सिल्वर फ्यूचर्स चांदी में निवेश का एक और तरीका है। सिल्वर फ्यूचर्स खरीदकर डेरीवेटिव मार्केट में भी निवेश किया जा सकता है। सिल्वर फ्युचर सबसे बेहतर तरीकों में से एक है जहां पर कम नुकसान और अधिक लाभ के मौके होते है।
यह अधिक जोखिम और अधिक लाभ वाला विकल्प है, इसलिए आपका इसे बेहतर ढंग से समझना ज्यादा ज़रूरी है और आपके पास मांग और पूर्ति की स्थिति को समझने का पर्याप्त समय होना चाहिए। सिल्वर फ्यूचर े का व्यापार सामान्य रूप से एक दिन का होता है और जिसमें जल्द ही बदलाव होते रहते है। ऐसे में जल्दी नुकसान होने के इसमें अधिक मौके होते है और कुछ ही समय में अप्रत्याशित मुश्किलें भी आ सकती है।
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