नयी दिल्ली। पिछले महीने शेयर बाजार में संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने दलाल स्ट्रीट पर 30,760 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इनमें म्यूचुअल फंड ने निफ्टी के 80 फीसदी शेयरों में हिस्सेदारी कम की। बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, नेस्ले इंडिया और टाटा स्टील उन शेयरों में शामिल रहे, जिनमें म्यूचुअल फंड्स ने सबसे अधिक बिकवाली की। वहीं जिन शेयरों में घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने नवंबर में खरीदारी की उनमें अडानी पोर्ट्स, डॉ रेड्डीज लैब्स और एचसीएल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। म्यूचुअल फंड्स ने जिन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली की उनमें से एक बजाज फिनसर्व। 19 म्यूचुअल फंडों के पास बजाज फिनसर्व के शेयर थे। इन म्यूचुअल फंड्स ने कंपनी के 18.9 फीसदी शेयर बेचे। अब इनके पास बजाज फिनसर्व के 46 लाख शेयर बाकी हैं।
शेयर बाजार सबसे जल्दी पैसा दोगुना करने वाली जगह है। अब हम आपको बताएंगे कि कैसे आप 10 प्रमुख शेयरों से कमाई कर सकते हैं। नवंबर में जिन टॉप 10 शेयरों में म्यूचुअल फंड्स ने खरीदारी की उनमें अडानी पोर्ट्स, डॉ रेड्डीज लैब्स, एचसीएल टेक, ग्रासिम, मारुति सुजुकी, यूपीएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसबीआई, सन फार्मा और कोल इंडिया शामिल हैं। म्यूचुअल फंड किसी भी कंपनी के शेयर पूरी रिसर्च करके खरीदारी करते हैं। इन 10 शेयरों में कमाई का मौका हो सकता है, इसीलिए इन शेयरों पर म्यूचुअल फंड ने दांव लगाया है।
म्यूचु्अल फंड किसी कंपनी के शेयर पूरी रिसर्च, टेक्निकल स्थिति और फंडामेंटल फैक्टर देख कर खरीदते हैं। आप म्यूचुअल फंड की रिसर्च का फायदा उठा कर इन शेयरों में निवेश करके पैसा कमा सकते हैं। एक और बात है कि म्यूचुअल फंड ज्यादातर लंबी अवधि के लिए पैसा लगाते हैं। इसलिए ये शेयर अगले साल में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। मगर शेयर बाजार के जोखिम को कभी भी हल्के में न लें।
म्यूचुअल फंड ने कई शेयरों में हिस्सा घटाया। इनमें इंडसइंड बैंक के मामले मेंशेयरों की संख्या 16.7 फीसदी गिरकर 5.21 करोड़ रह गई। म्यूचुअल फंड्स के पास नवंबर के अंत पर बैंक के 4,470 करोड़ रुपये के शेयर थे। म्यूचुअल फंड्स ने नेस्ले इंडिया में 13 फीसदी हिस्सेदारी कम की। टाटा स्टील में 12.8 फीसदी और टेक महिंद्रा में 10.3 फीसदी हिस्सा कम किया गया।
इसके अलावा म्यूचुअल फंड्स ने जिन कंपनियों के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा हिस्सा बेचा उनमें हीरो मोटोकॉर्प, कोटक महिंद्रा बैंक, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, डिविस लैब्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, आयशर मोटर्स और एनपीटीसी शेयर हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि म्यूचुअल फंड्स शेयर बेच नहीं रहे हैं, बल्कि वे मुनाफा काट रहे हैं। असल में मार्च में शेयर निचले स्तरों तक गिर गया था और अब ये रिकॉर्ड स्तरों पर है।
म्यूचुअल फंड ने अडानी पोर्ट्स में अपने शेयरों की संख्या 7 प्रतिशत बढ़ाकर 7.73 करोड़ कर ली। अडानी पोर्ट्स में 2 फीसदी से कम हिस्सेदारी रखने वाले 18 म्यूचुअल फंड्स के पास अडानी ग्रुप की इस कंपनी में 3,180 करोड़ रुपये का निवेश था।
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