नई दिल्ली, अप्रैल 28। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमेटो ने बुधवार को बाजार नियामक सेबी के पास आईपीओ के लिए आवेदन कर दिया है। बता दें कि जोमेटो जल्द ही भारत में पब्लिक होने वाली पहली बड़ी घरेलू उपभोक्ता इंटरनेट स्टार्टअप बन जाएगी। जोमेटो ने सेबी के पास जमा किए गए दस्तावेजों में बताया है कि कंपनी का इरादा इक्विटी शेयरों की बिक्री के जरिए 8,250 करोड़ रुपये जुटाने का है, जिसमें से 7,500 करोड़ रुपये नये शेयर जारी करके जुटाए जाएंगे। बाकी 750 करोड़ रुपये मौजूदा शेयरधारक इंफो एज द्वारा जारी किए जाएंगे।

Advertisement

इंफो एज ने किया ऐलान
मंगलवार को नौकरी.कॉम की पेरेंट कंपनी इंफो एज ने ऐलान किया कि यह जोमेटो के आगामी पब्लिक इश्यू में स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में शेयर बेचेगी। जोमेटो की तरफ से आईपीओ दस्तावेजों में दी गयी जानकारी के अनुसार 2020 में 1 अप्रैल से 31 दिसंबर तक की अवधि में कंपनी की इनकम 1367.65 करोड़ रु रही, जबकि इसी अवधि में कंपनी का घाटा 684.15 करोड़ रुपये रहा।

Advertisement

2019-20 में कैसा रहा बिजनेस
वित्त वर्ष 2019-20 में जोमेटो की इनकम 2742.74 करोड़ रु रही थी, जबकि इस दौरान घाटा 2362.8 करोड़ रु रहा था। इसके बाद वित्त वर्ष 2020-21 के पहले 9 महीनों में कंपनी की इनकम में तेज गिरावट आई, मगर ये घाटा कम करने में भी कामयाब रही। मई 2020 के अंत में भारत में लॉकडाउन में छूट मिलने लगी थी, जिससे कंपनी के फूड डिलिवरी बिजनेस में सुधार होने लगा।

Advertisement

बरकरार रह सकता है घाटा
जोमेटो के अभी अपना घाटा बरकरार रहने की संभावना है। इस समय इंफो एज की जोमेटो में 18.5 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू करीब 7270 करोड़ रु है। ज़ोमेटो ने हाल ही में अपने बोर्ड में पाँच नए स्वतंत्र सदस्यों को शामिल किया, जिसमें चार महिलाएँ शामिल हैं। जोमेटो की स्थापना करीब 13 साल पहले 2008 में हुई थी। जोमेटो का अब दुनिया के कई देशों में कारोबार है।