Zoho to launch Sanskrit Translator: भारत की सॉफ्टवेयर-ऐज-अ-सर्विस (SAAS) कंपनी जोहो (Zoho) ने हाल ही में 100 करोड़ डॉलर के सालाना रेवेन्यू के कमाई का रिकार्ड छुआ है। साफ्टवेयर निर्मात और सर्विस प्रोवाइडर कंपनी अब एक नई सर्विस शुरू करने की तैयारी में है। जोहो संस्कृत भाषा पर आधारित मशीन ट्रांसलेशन सॉफ्टवेयर लॉन्च करने की पूरी तैयारी कर रही है। मशीन ट्रांसलेशन का मतलब होता है कि जिसके माध्यम से किसी टेक्स्ट या स्पीच को एक भाषा से दूसरे भाषा में कनवर्ट किया जाता है।

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तमीलनाडू के गांव में चल रहा है काम

जोहो के को-फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेंबू इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। वह तमिलनाडु के एक गांव Tenkasi में अपनी इंजिनियरिंग टीम के साथ प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। छोटी सी इंजीनियरिंग टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वेंबू 2019 से ही टेंकसी गांव में काम कर रहे हैं। वह गावों में तकनिकी के माध्यम से रोजगार के अवसरो को भी निखार रहे हैं।

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Zoho ने संस्कृत को ही क्यो चुना

श्रीधर वेंबू ने हाल ही में कंपनी के सालाना टेक्नोलॉजी कांफ्रेंस में संस्कृत की खासियतों के विषय में चर्चा की थी। वेंबू ने बताया था कि जब आप एक भाषा से दूसरे भाषा में अनुवाद करते हैं तो आपको एक पैटर्न को फॉलो करना होता है। एक फॉर्मेट को फॉलो करना सबसे अहम है। इसकी मदद से ही एक भाषा से दूसरे भाषा में शुद्ध रुप से अनुवाद किया जा सकता है। संस्कृत भाषा की खास बात यह है कि यह एकदम सटीक और शुद्ध है। वेंबू का कहना है कि संस्कृत कोई नई भाषा नहीं है। इसके विषय में भारत में सबको पता है, मै बस इसमें तकनिकी का इस्तेमाल कर रहा हूं। जल्द ही यह लोगों के लिए उपलब्ध होगा।

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क्या काम करती है Zoho

जोहो एक सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट कंपनी है। इसका हेडक्वाटर चेन्नई में स्थित है। Zoho का कारोबार दुनिया के 150 से अधिक देशों में फैला हुआ है। पिछले 25 वर्षों में कंपनी ने बेहतरीन काम किया है। आज इसके 8 करोड़ से भी अधिक यूजर्स हैं। जोहो कंपनी में आज के समय में 11 हजार लोग काम करते हैं। कंपनी लागातार ग्रोथ कर रही है।

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