नई द‍िल्‍ली: यस बैंक ने बुधवार से अपना काम-काज शुरू कर दिया है, बैंक के ग्राहक अब पहले की तरह बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। इस बात की जानकारी यस बैंक ने ट्विट के जरि‍ए दी है। यस बैंक ने ट्विटर पर लिखा कि हमारी बैंक सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के यस बैंक पर लगाए गए प्रतिबंध हटने के बाद अब सभी बैंकिंग सर्विसेज शुरू हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया पर कई ग्राहक शिकायत कर रहे हैं कि वह अभी भी अपने खाते से पैसा नहीं निकाल पा रहे है। इसके साथ ही, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं अभी भी काम नहीं कर रही हैं।

Advertisement

सुबह 08:30 बजे ही खुलेंगी यस बैंक की शाखाएं

ट्विट के जरि‍ए ग्राहकों को यस बैंक ने कहा हमारी बैंकिंग सेवाएं अब चालू हैं। अब आप हमारी सेवाओं का पूर्ण रूप से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही आपके धैर्य और सहयोग के लिए धन्यवाद भी द‍िया। आपकी बेहतर सेवा करने के लिए, हमारी शाखाएं आज से यानि 19 मार्च से 21 मार्च, 2020 तक एक घंटे पहले 08:30 बजे खुलेंगी। वहीं हमने अपने वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों के लिए 19 मार्च से 27 मार्च, 2020 तक सभी शाखाओं में बैंक बंद होने का समय 04:30 से एक घंटे बढ़ाकर 05:30 कर दिया है। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने 5 मार्च को बैंक पर पाबंदी लगा दी थी।

पूरे भारत में यस बैंक की 1,132 शाखाओं

बता दें मंगलवार को बैंक ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब तक केवल 1/3 ग्राहकों ने 50 हजार रुपये निकाले हैं। यस बैंक ने कहा है कि उसके एटीएम, ब्रांच में जरूरत के मुताबिक पैसे हैं। बैंक को अतिरिक्त बाहरी लिक्विडिटी की जरूरत नहीं है। वहीं एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि 3 साल तक एसबीआई बैंक का एक भी शेयर नहीं बेचेंगे। एसबीआई के अलावा दूसरे बैंकों ने यस बैंक में 10 हजार करोड़ रुपये निवेश किया है। ग्राहक 19 मार्च से पूरे भारत में यस बैंक की 1,132 शाखाओं में से किसी में भी जाकर बैंकिंग कामकाज कर सकते हैं। वहीं खबर है कि कई ग्राहक सर्विसेज का इस्तेमाल नहीं कर पाने को लेकर ट्वीट कर रहे हैं। एक ग्राहक ने लिखा, 'बैंक कह रहा है सभी सर्विसेज शुरू हो गई हैं, लेकिन मेरा क्रेडिट कार्ड अभी तक काम नहीं कर रहा है। वहीं, एक ग्राहक ने अपने यूपीआई अकाउंट को लेकर शिकायत की है।

आरबीआई ने यस बैंक पर लगाई थी पाबंदी

याद द‍िला दें कि 5 मार्च को बैंक की गंभीर वित्तीय स्थिति के कारण उसके बोर्ड को भंग कर दिया गया था और उसका पूरा कंट्रोल आरबीआई ने अपने हाथों में ले लिया था। बैंक से पैसे विड्रॉल करने की लिमिट को भी 50000 कर दिया था। सरकार ने पिछले सप्ताह पुनर्गठन योजना को अधिसूचित किया। इसके बाद यस बैंक को संकट से उबारने के लिए स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने 49 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीदने का ऐलान किया। एक्सिस बैंक भी 600 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। एचडीएफसी ने 1,000 करोड़ रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक ने 500 करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया। वहीं आईसीआईसीआई बैंक भी यस बैंक के 100 करोड़ शेयरों के अधिग्रहण के लिए 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।