Yes Bank Layoffs 500 Employees: प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। करीब 500 लोगों की छंटनी करने के बाद यस बैंक आने वाले दिनों में फिर से अन्य कर्मचारियों को बाहर कर सकता है। लेकिन इसके पीछे की क्या वजह है चलिए आपको बताते हैं।

Advertisement

500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

Advertisement

प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक ने अपने 500 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। इन सभी कर्मचारियों को 3 महीने के वेतन के बराबर राशि दी गई है। आपको बता दें कि इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर ब्रांच बैंकिंग पर होने वाला है क्योंकि सबसे ज्यादा कर्मचारी इसी सेगमेंट से बाहर किए गए हैं। इस छंटनी का असर थोक बैंकिंग से लेकर खुदरा बैंकिंग तक लगभग सभी वर्टिकल पर हुआ है।

Advertisement

आखिर क्या है छंटनी करने के पीछे का कारण?

यस बैंक का उद्देश्य डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देकर मैन्युअल हस्तक्षेप में कटौती करने की दिशा में बढ़ना है। इसका मकसद लागत में कटौती करना है। वित्त वर्ष 2022-2023 और 2023-2024 में यस बैंक का कर्मचारियों पर खर्च 12 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। 2022-2023 में यस बैंक का कर्मचारियों पर खर्च 3,363 करोड़ रुपए था। 2023-2024 में यह बढ़कर 3,774 करोड़ रुपए हो गया।

Advertisement

आने वाले समय में दोबारा हो सकती है छंटनी

कम से कम 500 लोगों को कंपनी से निकालने के बाद भी आने वाले दिनों में और भी छंटनी हो सकती है। जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है उन्हें तीन महीने का वेतन दिया गया है। बैंक अपने खर्च में कटौती कर रहा है। छंटनी एक मल्टीनेशनल सलाहकार की सलाह पर की गई है।

Advertisement

आरबीआई ने यस बैंक को डूबने से बचाया था

वित्त वर्ष 23 के अंत में खर्च 3,363 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 24 के अंत में 3,774 करोड़ रुपये हो गया है। दरअसल 2020 में जब Yes Bank डूबने वाला था तो इसकी रीस्ट्रक्चरिगं के लिए SBI की अगुवाई में एक कंसोर्शियम बनाया गया था। इस कंसोर्शियम में कई बैंक शामिल थे जिन्होंने Yes Bank में हिस्सेदारी खरीद कर इसे डूबने से बचाया था। अब फिर यस बैंक ग्राहकों का भरोसा जीतकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।

Advertisement

शेयरों में आ सकती है गिरावट

बीते कारोबारी दिन मंगलवार को Yes Bank Share 24.02 रुपये पर क्लोज हुआ था। वहीं बुधवार को इस बैंकिंग स्टॉक ने शुरुआत तो हरे निशान पर की लेकिन यह खबर सामने आने के बाद मामूली गिरावट देखी गई है।