World Bank ने यह अनुमान जताया है कि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार 6.3 फीसदी रहेगी। वैश्विक परेशानियों के बीच भारत की इकोनॉमी पर वर्ल्ड बैंक का भरोसा बना हुआ है। 3 अक्टूबर को वर्ल्ड बैंक की तरफ से यह रिपोर्ट जारी की गई है।

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वर्ल्ड बैंक की तरफ से जारी की गई इस नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट अगले 2 वर्षों के दौरान क्रमशः 6.4 फीसदी और 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ल्ड बैंक की इस नई रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि सेवा क्षेत्र की मजबूती कायम रहेगी और यह सेवा क्षेत्र 7.4 फीसदी की रफ्तार के साथ आगे बढ़ सकता है।

बीते 5 वर्षों के मुकाबले इस वर्ष का मानसून थोड़ा कमजोर रहा हैं। जिस कारण कृषि क्षेत्र पर इसका असर पड़ने की उम्मीद है। खाद्य महंगाई में बीते कुछ महीनों के दौरान तेजी देखने को मिली है लेकिन विश्व बैंक को यह भरोसा है कि आने वाले कुछ महीनों में इसमें गिरावट आएगी।

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भारत की पहली तिमाही के आंकड़ें जारी होने के बाद विश्व बैंक की यह रिपोर्ट सामने आई है। सरकार के मुताबिक, चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी की रफ्तार से भारत की इकॉनोमी बढ़ रही थी। हालांकि, यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 8 फीसदी अनुमान से कम था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ल्ड बैंक की तरफ से जारी की गई इस नई रिपोर्ट में जो अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर जताया गया है वो आरबीआई के अनुमान से 20 बेसिस प्वाइंट कम है।

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वर्ल्ड बैंक की इंडियन डेवलपमेंट अपडेट में कहा गया है कि फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में भारत कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 7.2 फीसदी के साथ सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक था। जी20 देशों में भारत की विकास दर सबसे ऊंची थी और उभरती मार्केट अर्थव्यवस्थाओं के औसत से करीब दोगुनी थी।