China labour Crisis : चीन इस सयम मजदूरों की कमी की समस्या से जुझ रहा है। यहां की फैक्ट्रियों में इस समय मजदूरों की भारी कमी (labor shortage in china) होने लगी है। चीन में 20 से 40 साल के युवा कर्मचारी फैक्ट्रियों में काम करने से परहेज करने लगे हैं। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बड़ी संख्या में युवा नौकरी छोड़कर वापस अपने गावों की ओर पलायन कर रहे हैं।

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परिवार से दूर नहीं रहना चाहते हैं युवा

मीडिया रिपोर्ट की माने तो मजदूरी करने या फैक्ट्रियों में समान्य नौकरी करने के लिए युवाओं को परिवार से दूर रहना पसंद नहीं आ रहा है। मजदूरो के इस रवैये से चीन की फैक्ट्रियों में मजदूरों की कमी (labor shortage in china) होने लगी है और इसका असर प्रोडक्शन पर भी पड़ने लगा है।

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चीन की अर्थव्स्था पर होगा बुरा असर

चीन दुनिया की कुल जरूरत का एक तिहाई हिस्से का प्रोडक्शन करता है। चीन में हालात यह हो गए हैं कि यहां फैक्ट्रियों में काम करने के लिए मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। एक बात ध्यान देने वाली है कि चीन विश्व का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, इसके बाद भी यहां मजदूरों की कमी होना बूरा संकेत है। ग्लोबल मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक कम वेतन, काम के ज्यादे घंटे और खराब वर्क कल्चर की वजह से युवा फैक्टरियों से दूरी बना रहे हैं। कंपनियों का कहना है कि अगर वेतन में बढ़ोत्तरी की जाती है तो इसका सिधा असर कंपनी के मुनाफ पर जाएगा।

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कम हो रहे हैं मजदूर

CIIC कंसल्टिंग के एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक चीन में 80 प्रतिशत से अधिक कंपनियों को लेबर की कमी से गुजरना पड़ रहा है। कंपनियों में जरुरत से सौकड़ो और कुछ कंपनियों में तो हजार से भी अधिक कर्मचारियों की कमी है। सर्वे के डाटा के मुताबिक 2025 तक चीन में 30 मिलीयन श्रमिकों की कमी हो सकती है।

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बेरोजगारों की संख्या में हो रहा है इजाफा

चीन में युवाओं की एक बहुत बड़ी आबादी बेरोजगार हो रही है। ज्यादातर युवा काम करने का अच्छा स्कील रखते हैं वे सभी मशिनों को आसानी से चला सकते हैं, लेकिन युवाओं की मानसिकता में फैक्ट्रियों में काम करने नहीं जाने की है। युवाओं का कहना है कि काम के बदले में कंपनियां बहुत कम वेतन देती हैं। काम भी बेहद जोखिम वाले होते हैं। युवाओं के इस रवैसे को देखते हुए कंपनियां ऑटोमेटेड मशिनों को लगाने पर विचार कर रही हैं।

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