नई दिल्ली, जून 20। अकसर लोग ऐसा कोई काम कर देते हैं कि वो खबर न्यूज में आ जाती है। कई बार लोग ऐसा काम कर बैठते हैं कि वो दूसरों की नजर में काफी अनोखा होता है। जैसा कि तमिलनाडु में एक व्यक्ति ने किया है। वहां एक व्यक्ति ने 10-10 रु के सिक्कों से कार खरीदी है। जी हां लोग कार खरीदने के लिए चेक जैसे किसी तरीके से पेमेंट करते हैं। मगर तमिलनाडु में एक व्यक्ति ने 10-10 रु के सिक्कों से पेमेंट की। आगे जानिए पूरी डिटेल।
एक व्यक्ति ने सिर्फ सिक्कों से कार खरीदने का फैसला किया। उन्होंने ऐसा इसलिए लोगों द्वारा 10 रुपये के सिक्के नहीं लेने से निराश होकर किया। तमिलनाडु धर्मपुरी के एक प्रमुख वाहन डीलर के कर्मचारी उस समय बड़े आश्चर्य में पड़ गए, जब एक व्यक्ति कार खरीदने के लिए 10 रुपये के सिक्कों से भरा वाहन लेकर शोरूम में आया।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार अरूर के वेट्रिवेल के मुताबिक उनकी मां एक दुकान चलाती हैं और ऐसे कई उदाहरण सामने आए जब उनकी दुकान के ग्राहकों ने 10 रुपये के सिक्के लेने से इनकार कर दिया, जिससे उनके घर पर उन सिक्कों का एक बड़ा ढेर लग गया। इन्हीं सिक्कों से उन्होंने कार खरीद ली।
उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने बच्चों को 10 रुपये के सिक्कों के साथ खेलते हुए देखा जैसे कि वे बेकार हैं। इससे उन्हें काफी हैरानी हुई। इसलिए, उन्होंने केवल 10 रुपये के सिक्कों वाली कार खरीदकर जागरूकता पैदा करने का फैसला किया। उन्होंने कार खरीदने के लिए लगभग 6 लाख रुपये के 10 सिक्के एकत्र करने में लगभग एक महीने का समय बिताया।
हालांकि कार डीलरशिप पहले तो 10 रु के सिक्कों में पेमेंट लेने में झिझक रही थी। मगर वेट्रिवेल के दृढ़ संकल्प को देखते हुए, वे डील के लिए सहमत हो गए। अपने रिश्तेदारों के साथ, वेट्रिवेल, 10 रुपये के सिक्कों की बोरियों को केंद्र में ले गए और उन सभी की गिनती की गई और अंत में, वाहन की चाबियां उन्हें सौंप दी गईं।
वेट्रिवेल ने कहा कि उनकी माँ एक दुकान चलाती है और सिक्के घर पर ही जमा थे। कोई भी सिक्के लेने को तैयार नहीं था। बैंकों में भी इन सिक्कों को यह कह कर लेने से इंकार कर दिया गया कि उनकी गिनती करने के लिए बहुत सारे लोग नहीं हैं। वे कहते हैं कि जब आरबीआई ने यह नहीं कहा है कि सिक्के बेकार हैं, तो बैंक उन्हें स्वीकार क्यों नहीं कर रहे हैं? अगर हम शिकायत भी करते हैं, तो भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इसी तरह कुछ महीने पहले 29 वर्षीय वी बूपति ने बजाज डोमिनार 400 खरीदने के लिए 1 रु के सिक्कों में पेमेंट की थी। इसके लिए वे नकदी साथ लाए। ये 1 रु के सिक्के उन्होंने तीन साल से अधिक समय में जोड़े। काफी मेहनत से वे ये बचत कर पाए। उन्होंने मंदिरों, होटलों और चाय की दुकानों पर एक रुपये के सिक्कों के बदले अपने सारे करेंसी नोटों को एक्सचेंज किया।
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