Delhi EV Policy 2.0: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृ्त्व में आज दिल्ली में कैबिनेट की एक बैठक होने जा रही है। सीएम रेखा गुप्ता आज नई ईवी पॉलिसी की घोषणा कर सकती है। इस बैठक के बाद नई ईवी पॉलिसी में कई तरह के ऐलान किए जा सकते हैं।

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इस नीति का उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देना है। एक बड़ी घोषणा की उम्मीद है कि 15 अगस्त 2025 से सीएनजी, पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करने वाले थ्री-व्हीलर वाहनों के लिए नए रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए जाएंगे।

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इस नीति के तहत दो पेट्रोल या डीजल कारों के मालिक केवल तीसरी कार का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, बशर्ते वह इलेक्ट्रिक हो। इस उपाय का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करना है। सरकार को उम्मीद है कि 2027 तक दिल्ली में 95% वाहन इलेक्ट्रिक होंगे।

सब्सिडी और प्रतिबंध

दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी देने की योजना बना रही है। महिलाओं को 36,000 रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है, जबकि बाकी को 30,000 रुपए मिल सकते हैं। इसके अलावा, 15 अगस्त 2026 से पेट्रोल और सीएनजी बाइक पर प्रतिबंध लग सकता है। ये कदम शहर में प्रदूषण को कम करने के प्रयासों का हिस्सा हैं।

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2025 के मध्य तक दस साल से ज़्यादा पुराने सीएनजी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलना होगा, नहीं तो उन पर प्रतिबंध लग सकता है। यह कदम दिल्ली की सड़कों से पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।

बुनियादी ढांचे का विकास

नई ईवी नीति में व्यापक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना भी शामिल है। इसका लक्ष्य दिल्ली में हर पांच किलोमीटर पर एक चार्जिंग पॉइंट स्थापित करना है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कुल 13,200 चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना है।

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सरकार का लक्ष्य न केवल प्रदूषण को कम करना है, बल्कि इस पहल के ज़रिए रोज़गार के अवसर पैदा करना भी है। इस बदलाव के तहत उनका लक्ष्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में लगभग 20,000 नौकरियां पैदा करना है। 15 अगस्त, 2025 तक जो सीएनजी ऑटो 10 साल पुराने हो चुके हैं, उन्हें इलेक्ट्रिक में बदलना होगा। यानी दिल्ली में 10 साल से ज्यादा पुराने सीएनजी ऑटो पर भी रोक लगाई जा सकती है।

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रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली प्रशासन इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे टिकाऊ परिवहन समाधानों की ओर ध्यान केंद्रित करके प्रदूषण से निपटने के लिए अच्छा संकल्प है।

2027 तक इतने प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन का लक्ष्य

इस पॉलिसी के के हिसाब से देखा जाए तो अगर कोई व्यक्ति अपनी 12 साल से से कम पुरानी पेट्रोल या डीजल टू-व्हीलर को स्क्रैप में देता है तो उसे ईवी लेने पर 10,000 रुपए तक की और देगी। वहीं, सरकार का उद्देश्य ये है कि आने वाले साल 2027 तक दिल्ली में नई गाड़ियां रजिस्टर्ड हों, उनमें 95 प्रतिशत गाड़ियां इलेक्ट्रिक होनी चाहिए और साल 2030 तक ये संख्या 98 प्रतिशत तक पहुंचाने का टारगेट रखा गया है।

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आपको ध्यान रखना है ईवी 2.0 पॉलिसी दिल्ली में 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी। सरकार के इस ऐलान के बाद दिल्ली के लोग कितनी जल्दी ईवी की तरफ अपना रुख करेंगे ये देखना होगा।