Is Silver The New Gold: पिछले पांच सालों में भारत में चांदी की कीमतों में त्योहारी सीजन के दौरान, खासकर दिवाली और धनतेरस के आसपास, तेजी देखी गई है। 2024 में, चांदी ने अपनी सबसे बड़ी त्योहारी तेजी देखी, जो दिवाली 2023 के लगभग 71,000 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर दिवाली 2024 तक लगभग 1,01,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई-जो लगभग 42% की बढ़ोतरी है।
इस वजह से सोने के बाद चांदी (Silver) अब निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। कई कारण चांदी के फंडों, जैसे सिल्वर ETF और सिल्वर फंड ऑफ फंड्स (FOF) में निवेश में बढ़ोतरी को बढ़ावा दे रहे हैं। यह बढ़ोतरी चांदी की बढ़ती इंडस्ट्री मांग, भू-राजनीतिक तनावों के बीच सुरक्षित निवेश के कारण हो रहा है।
रिकॉर्ड हाई पर चांदी (Silver) के भाव
2025 में, चांदी (Silver) की कीमतें 13 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जो मुख्य रूप से मजबूत इंडस्ट्री मांग और आपूर्ति की मौजूदा बाधाओं के कारण है। चांदी के इंडस्ट्री महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता-यह सौर पैनलों, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों, तारों, सेंसरों और एआई व डेटा सेंटर जैसी उभरती तकनीकों में महत्वपूर्ण है। वैश्विक चांदी की आधी से ज्यादा मांग अब इंडस्ट्री जगत से आती है, और ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी अपनाने में तेजी के साथ और मजबूत होने की संभावना है।
चांदी (Silver) की सप्लाई में कमी के बावजूद तेजी
सप्लाई की चुनौतियां चांदी के तेजी के अनुमान को और बढ़ा रही हैं। बाजार लगातार पांचवें साल सप्लाई की कमी का सामना कर रहा है, जहां मांग सप्लाई से लगभग 149 मिलियन औंस ज्यादा है। भू-राजनीतिक तनाव चांदी की सप्लाई चेन पर और दबाव डाल रहे हैं, खासकर मेक्सिको और चीन जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में।
सोना-चांदी रेशियो है, जो 100 से गिरकर लगभग 89 पर आ गया है। ऐतिहासिक रूप से यह रेशियो औसतन लगभग 60 रहा है, जो दिखाता है कि सोने की तुलना में चांदी का वैल्यू अभी भी कम है। अगर यह रेशियो कम होता है, तो चांदी की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं, और यह 42 से 48 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं, जो अभी भी 2011 के अपने उच्चतम स्तर 50 डॉलर से नीचे है।
चांदी (Silver) की वैल्यूएबल और इंडस्ट्री मेटल के रूप में दोहरी पहचान साथ ही सप्लाई की मौजूदा चुनौतियों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण यह उभरते निवेश परिदृश्य में अगला सोना (Next Gold) बनने के लिए एक मजबूत दावेदार बन गई है।
चांदी (Silver) की कीमत पर भारतीय ब्रोकरेज फर्मों की राय
त्योहारी सीजन के दौरान चांदी (Silver) की कीमतों का रुझान
भारत में चांदी (Silver) रिकॉर्ड ऊंचाई पर
इस साल (2025) में भारत में चांदी (Silver) की कीमत में उतार-चढ़ाव
पिछले 5 सालों में चांदी की कीमत
सोना (Gold), अपने शानदार रिटर्न के साथ में कीमती धातुओं में टॉप ऑप्शन रहा है। लेकिन विशेषज्ञ भी तेजी से अपना ध्यान चांदी की ओर मोड़ रहे हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी प्रमुख किशोर नार्ने ने बताया कि तक इस समय सबसे अच्छी कमोडिटी चांदी है। चांदी की कीमतों में 25-30% तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के संस्थापक और राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने कहा कि आगे की बात करें तो, हालिया गिरावट के बावजूद, चांदी की तकनीकी स्थिति सकारात्मक बनी हुई है।
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