Defence And Realty Stocks Crash: ग्लोबल मार्केट में मिलेजुले कारोबार के बीच मंगलवार (20 जनवरी) को घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी देखी गई। इस बीच ज़्यादातर डिफेंस और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली देखा गया। भारत और UAE में मिलिट्री सेक्टर को मज़बूत करने के लिए अहम ट्रेड डील के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर हुए समझौतों के बीच बाजार में कमजोरी देखी गई है।

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खबर लिखते समय सुबह के 11:37 बजे तक निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 1.2% तक गिर गया और 7,679 के आसपास कारोबार करते हुए NSE पर टॉप लूज़र्स में शामिल हो गया जबकि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 3.50 फीसदी तक की गिरावट के साथ 806 के आसपास कारोबार कर रहा था।

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Defence Stocks Crash : डिफेंस शेयरों में गिरावट

डिफेंस शेयरों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), भारत डायनेमिक्स (BDL), मज़गांव डॉक शिपबिल्डर्स, कोचीन शिपयार्ड और डेटा पैटर्न्स जैसे बड़े डिफेंस प्लेयर्स में 5% तक की गिरावट दर्ज की गई।

HAL, BEL और BDL के शेयर 1.2% से 2.9% तक गिरे हैं। इसके अलावा, मिधानी, MTAR टेक्नोलॉजीज, पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, भारत फोर्ज, GRSE, BEML, डायनामिक टेक्नोलॉजीज, डेटा पैटर्न्स, ज़ेन टेक्नोलॉजीज और कोचीन शिपयार्ड जैसे डिफेंस शेयर 1.5% से लेकर लगभग 5% तक गिरे।

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साथ ही, Cyient DLM और Unimech Aerospace जैसे शेयर भी 1% से ज़्यादा गिरे। हालांकि, इस भारी गिरावट के बीच, एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स और सोलर इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में तेज़ी देखी गई जो लगभग 0.5% की तेज़ी तक सीमित रहा।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, यूनियन बजट 2026 एक सतर्क, संतुलित बजट होने की उम्मीद है, जो बड़ी घोषणाओं के बजाय रणनीतिक प्राथमिकताओं पर ज़्यादा ध्यान देगा। पिछले साल की इनकम-टैक्स राहत के कारण टैक्स रेवेन्यू पर दबाव के चलते, सरकार का मुख्य फोकस वित्तीय अनुशासन को तोड़े बिना बढ़ती ज़रूरतों, खासकर डिफेंस, रिन्यूएबल एनर्जी और सेमीकंडक्टर्स को फंड देना होगा। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ के एनालिस्ट्स ने यूनियन बजट 2026 में रक्षा खर्च में 20% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।

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Realty Stocks: रियल्टी शेयरों में कमजोरी

20 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में Nifty Realty Index में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दोपहर तक यह इंडेक्स लगभग 3.5% टूटकर 806.75 के स्तर पर आ गया था। कई प्रमुख रियल्टी कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए कमजोर प्री-सेल्स आंकड़े रिपोर्ट किए हैं। वहीं, आईटी सेक्टर में चल रही छंटनी के कारण बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में घरों की मांग, विशेषकर लग्जरी सेगमेंट में कमी आई है।

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इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं ने रियल्टी शेयरों पर दबाव बनाया है। रियल्टी इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में दबाव में रहा और कई शेयर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर (52-week low) को छू गए।

Oberoi Realty के शेयर में लगभग 5.4% की बड़ी गिरावट देखी गई। वहीं, Macrotech Developers (Lodha) और Godrej Properties के शेयर भी बिकवाली के दबाव में रहे और अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच गए। DLF और Brigade Enterprises के शेयरों में भी 2% से 3% के बीच गिरावट दर्ज की गई।

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[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]