2000 rupee note : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को 2000 रुपये के नोट को चलन से बाहर लेने का फैसला कर लिया हैं। इसके साथ ही आरबीआई की तरफ से सभी बैंको को निर्देश भी दिए गये है।
इस निर्देश के अनुसार, अगर बैंको को जमा किए गये नोटों में कोई भी नोट नकली पाया जाता हैं, तो फिर सभी बैंक नकली नोटों से निपटने के लिए आरबीआई के मास्टर निर्देश का पूरी सावधानी पूर्वक पालन करें।
2,000 रुपये के नोट की निकासी को कैसे लागू करें, इस पर बैंको को आरबीआई का एक पत्र गया है। पत्र के अनुसार, बैंक के द्वारा प्राप्त इस वर्ग मूल्य के नोट को सटीकता और वास्तविकता की जांच के लिए नोट सॉर्टिंग मशीनों के जरिए से तुरंत ही शार्ट किया जायेगा।
आरबीआई की तरफ से यह भी कहा गया है कि नकली नोट के बारे में पता लगने और नकली नोट की सूचना देने और उनकी निगरानी करने के लिए हमारे 3 अप्रैल 2023 के मास्टर निर्देश में निर्देशों का पूरा ध्यान पूर्वक पालन किया जायेगा।
केंद्रीय बैंक के मास्टर निर्देशों के अनुसार, काउंटर पर प्रस्तुत किए गए नोट के प्रमाणीकरण के लिए इसकी जांच मशीन के जरिए की जाएगी, अगर बैंक द्वारा कोई नोट नकली पाया जाता है तो फिर कस्टमर को उस नोट का कोई क्रेडिट नहीं दिया जायेगा।
नकली नोट को रूप में निर्धारित नोटों पर नकली नोट के रूप में मुहर लगाई जाएंगे और इसको निर्धारित प्रारूप में जायेगा। ऐसे प्रत्येक जब्त नोट को एक अलग रजिस्टर में प्रमाणीकरण के तहत दर्ज किया जाएगा।
नकली नोट को किसी भी मामले में निविदाकर्ता को वापस नहीं किया जायेगा या इस नोट को बैंक शाखाओं के द्वारा नष्ट नहीं किया जायेगा।
नकली नोटों को जब्त करने में बैंक शाखाओं की विफलता को नकली नोट को प्रसारित करने में बैंक की जानबूझकर भागीदारी के रूप में माना जायेगा और जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके साथ ही अगर प्रस्तुत किया गया नोट जाली पाया जाता है तो फिर बैंक शाखा के द्वारा निविदाकर्ता को निर्धारित प्रारूप में पावती राशिद जारी की जानी चाहिए।
इसके साथ ही आरबीआई के तरफ जारी किए गए मास्टर निर्देश में यह भी कहा गया है कि नकली नोटों का पता लगाने के लिए पुलिस को किस तरह सूचित किया जाना चाहिए।
इसमें कहा गया है कि अगर एक लेन देन में 4 नोट तक नकली नोट को पहचान के मामले में एक निर्धारित प्रारूप में एक कंसोलिडेटेड रिपोर्ट सस्पेक्ट नकली नोटों के साथ नोडल बैंक अधिकारी द्वारा महीने के आखिरी में पुलिस को भेजी जानी चाहिए।
एक लेनदेन में 5 या 5 से अधिक नकली नोट की पहचान के मामले में नकली नोटों को नोडल बैंक अधिकारी के द्वारा
निर्धारित रूप से तुरंत ही पास के पुलिस अधिकारियों या फिर नोडल पुलिस स्टेशन को एफआईआर दर्ज करके जांच के लिए भेजा जायेगा।
मंथली कंसोलिडेटेड रिपोर्ट / एफआईआर की एक प्रति बैंक के हेड ऑफिस में गठित नकली नोट सतर्कता प्रकोष्ठ को भेजी जाएगी। संबंधित पुलिस अधिकारियों की पावती उन्हें अग्रेषित नोट के लिए प्राप्त की जानी चाहिए।
आरबीआई की तरफ से कहा गया है कि नकली नोट के प्रचलन में शामिल लोगों की पहचान को सुगम बनाने के लिए बैंकों को यह सलाह दी जाती है कि वे बैंकिंग क्षेत्र में और काउंटरों को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखे। आप अपनी आंतरिक नीति के मुताबिक, रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखें।
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