Life Insurance Policy : बहुत बार ऐसा देखा जाता हैं कि जब लोग इंश्योरेंस कंपनी से इंश्योरेंस करवा लेते हैं। इसके बाद लोग निश्चिंत हो जाते हैं जो बात गलत हैं। पॉलिसी धारक को इंश्योरेंस कंपनी की संबंधित पॉलिसी बॉन्ड भेजती है। जिसको संभाल कर और सुरक्षित रखना चाहिए। लेकिन कुछ पॉलिसी धारक ऐसे होते हैं जो कंपनी की तरफ से जो इंश्योरेंस पॉलिसी बॉन्ड भेजा जाता हैं। उसको घुमा देते हैं। जिस कारण पॉलिसी धारक को मैच्योरिटी के वक्त काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। जब पॉलिसी धारक इंश्योरेंस को क्लेम करता हैं। उस समय बीमा कंपनी पॉलिसी धारक से ओरिजिनल इंश्योरेंस पॉलिसी बॉन्ड मांगती है। यदि वो नही होता हैं, तो कंपनी इसे क्लेम की प्रोसेस को आगे बढ़ाने से मना कर देती हैं। यदि आपने भी इसको घुमा दिया हैं, तो फिर इन तरीकों को आप अपना ले। ताकि क्लेम के समय आपको अधिक परेशान होने की जरूरत न हो।
यदि आपकी पॉलिसी खो जाती हैं, तो सबसे पहले आप तुरंत ही इसकी जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को दे या फिर उसको इसकी जानकारी दे जिनकी सहायता (एजेंट) से आपने पॉलिसी को खरीदा था। यदि आपका ओरिजनल बीमा पॉलिसी बांड घूम गया हैं, तो आप कंपनी को डुप्लीकेट बॉन्ड जारी करने के लिए आवेदन लिख दे। इस आवेदन के साथ आप बीमा पॉलिसी साथ आप पॉलिसी के खो जाने की एफआईआर की कॉपी, क्षतिपूर्ति बांड, विज्ञापन जमा कर दें। इस बात का ध्यान देना जरूरी हैं कि बहुत सारी बीमा कंपनी ऐसी होती हैं जो बांड के खो जाने पर एफ आई आर कराने पर ज्यादा जोर देती हैं।
इसके साथ ही जो पॉलिसी धारक हैं। उसको अपनी बीमा के खो जाने की जानकारी स्थानीय भाषा में इसके साथ ही अंग्रेजी में समाचार पत्र के माध्यम से देना पड़ता है। विज्ञापन की सहायता से पॉलिसी होल्डर आधुनिक तौर पर यह अपील करता है। कि अगर किसी को पॉलिसी मिलती हैं, तो वह एडवरटाइजर को इन्फॉर्म करें।
समाचार पत्र में दिया हुआ इस्तिहार इस बात का सबूत होता हैं। कि पॉलिसी धारक ने अपने दस्तावेज को खोजने को कोशिश की हैं। इसके साथ ही बीमा धारक को बीमा कंपनी को एक स्टांप पेपर पर क्षतिपूर्ति बॉन्ड हस्ताक्षर करके देना पड़ता है। यह इस वजह से जरूरी हैं क्योंकि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति ओरिजनल पॉलिसी को लेकर क्लेम करने आ गया। इसके बाद बीमा कंपनी की तरफ से खोए हुए बॉन्ड की जगह दूसरा बॉन्ड जारी कर दिया जाता हैं। कंपनी यह जो इंश्योरेंस पॉलिसी बांड जारी करती हैं इस पर डुप्लीकेट कॉपी लिखा रहता है।
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