UPI Pay With Mutual Fund: इन्वेस्टिंग को इंस्टेंट डिजिटल पेमेंट के साथ मिलाने वाले एक बड़े कदम में भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक नया फीचर लॉन्च किया है 'पे विद म्यूचुअल फंड'। यह यूजर्स को अपने लिक्विड म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स से सीधे रियल-टाइम ट्रांजैक्शन करने की सुविधा देता है, जिससे पहले बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर करने की जरूरत खत्म हो जाती है।
ICICI प्रूडेंशियल AMC, बजाज फिनसर्व AMC, और फिनटेक स्टार्टअप क्यूरी मनी के सपोर्ट से, यह फीचर रिटेल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी इनोवेशन में दुनिया में अपनी तरह का पहला कदम है।
'पे विद म्यूचुअल फंड' क्या है?
'पे विद म्यूचुअल फंड' एक क्रांतिकारी UPI फीचर है जो इन्वेस्टर्स को अपने लिक्विड म्यूचुअल फंड यूनिट्स को डिजिटल वॉलेट की तरह इस्तेमाल करने देता है। जब UPI पेमेंट किया जाता है, तो बराबर अमाउंट म्यूचुअल फंड से ऑटोमैटिकली रिडीम हो जाता है, और ट्रांजैक्शन तुरंत प्रोसेस हो जाता है।
यह असल में म्यूचुअल फंड को पेमेंट के लिए तैयार एसेट्स में बदल देता है, जिससे इन्वेस्टमेंट और रोजमर्रा के खर्च के बीच का गैप खत्म हो जाता है। यह सेविंग्स अकाउंट इस्तेमाल करने जैसा ही है, लेकिन इसमें सालाना लगभग 6-7% का मार्केट-लिंक्ड रिटर्न कमाने की क्षमता है, जो पारंपरिक सेविंग्स डिपॉजिट से कहीं ज्यादा है।
ये कैसे करेगा काम?
यह सिस्टम एक सीमलेस बैकएंड रिडेम्पशन प्रोसेस पर काम करता है,
- यूजर एक लिंक्ड ऐप के जरिए UPI पेमेंट शुरू करता है।
- ट्रांजैक्शन अमाउंट तुरंत उनके लिक्विड फंड से रिडीम हो जाता है।
- पैसा रियल-टाइम में UPI के जरिए पाने वाले तक पहुंच जाता है।
- इससे बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर करने का बीच का स्टेप खत्म हो जाता है, जिससे एक आसान अनुभव मिलता है।
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