FD : आपने भी अगर बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) कराया है, तो फिर आप स्पेशल एफडी के बारे में जानते ही होंगे। एफडी पर अधिक ब्याज देने के लिए कई सारे बैंकों ने स्पेशल एफडी स्कीम लॉन्च की है। एफडी हमेशा से ही निवेश का एक बेहतर और सुरक्षित ऑप्शन रहा है। एफडी की ब्याज की दरों में पिछले कुछ समय में काफी बढ़ोतरी हुई है जिस वजह से एफडी एक बार फिर सभी आयु के लोगों के लिए पहली पसंद बनती जा रही है।
अगर आप भी एफडी में निवेश करने का प्लान कर रहे हैं, तो फिर आपको इसके बारे में पता होना चाहिए कि स्पेशल एफडी क्या होती है और नॉर्मल एफडी और स्पेशल एफडी में क्या अंतर होता हैं, तो फिर आइए जानते हैं इसके बारे में।
इसमें जमा राशि को आपको एक लिमिटेड वक्त तक छोड़ना पड़ता है। बैंक की तरफ से इस अवधि में जमा राशि में ब्याज दिया जाता है। दरअसल, एफडी का उद्देश्य किसी खास परिस्थिति से निपटने के लिए सेविंग करना होता है।
हालांकि, जो तय वक्त होता है इस वक्त से पहले आपको एफडी से राशि निकालने की परमिशन नहीं होती है। मगर कुछ खास परिस्थिति होती है जिन परिस्थिति में आप इसमें जमा राशि को निकाल सकते हैं। अगर आप एफडी को तोड़ते हैं, तो फिर इसके लिए बैंक आपसे जुर्माना वसूल सकता है।
वही, अगर हम स्पेशल एफडी की बात करते हैं, तो फिर स्पेशल एफडी की शर्ते आम एफडी से अलग होती है। इस तरह की फिक्स्ड डिपॉजिट अतिरिक्त सीमाओं के अधीन हो सकती हैं, जैसे न्यूनतम जमा राशि, लंबी अवधि और खाता खोलने के लिए सीमित वक्त।
इस तरह के फिक्स्ड डिपॉजिट में ज्यादा रिटर्न होने के वजह से इन्वेस्टर्स के बीच काफी लोकप्रिय होती है। कई सारे बैंक है। जिन्होंने इस समय स्पेशल एफडी लॉन्च की है।
एचडीएफसी बैंक की स्पेशल एफडी वरिष्ठ नागरिक केयर में 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की अवधि के लिए 7.75 फीसदी ब्याज मिल रहा है।
एसबीआई की 400 दिनों की स्पेशल एफडी स्कीम अमृत कलश में सामान्य निवेशकों को 7.10 प्रतिशत जबकि, वरिष्ठ नागरिकों को 7.60 प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज मिल रहा है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान