OPD Cover in Insurance : हेल्थकेयर तेजी से अधिक महंगा हो रहा है। दूसरी तरफ आउट-ऑफ-पॉकेट खर्चे भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में अपने हेल्थ इंश्योरेंस को बेहतर बनाने और बेस्ट कवरेज सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। बीमा कंपनियां अब ग्राहकों की यूनीक मेडिकल जरूरतों को कस्टमाइज करने और उन्हें पूरा करने के लिए कई विकल्पों की पेशकश भी कर रही हैं। इसीलिए आपको अपने मौजूदा कवरेज को रिव्यू करना चाहिए और ऐसी पॉलिसी में अपग्रेड करने की कोशि करनी चाहिए जो कैशलेस आउटपेशेंट डिपार्टमेंट ट्रीटमेंट (ओपीडी), डेली कैश राइडर, गारंटीड क्यूमेलेटिव बोनस और लोअर सब-लिमिट्स ऑफर करती है।
आवश्यक राइडर्स स्कीम में जोड़ें
इसके अलावा, कुछ आवश्यक राइडर्स स्कीम में जोड़ें और बीमा कवर को बेहतर बनाने के लिए टॉप-अप लें। यदि आपका मौजूदा प्लान इन कॉस्ट इफेक्टिव फीचर्स की पेशकश नहीं करता है, तो इस योजना को बदलने पर विचार करें। आप अपनी ही बीमा कंपनी या किसी अन्य ऐसी कंपनी से पॉलिसी ले सकते हैं। इसमें ओपीडी बहुत अहम है। आगे जानिए कि ये क्यों जरूरी है और इसके फायदे क्या हैं।
क्या है ओपीडी
एक बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस केवल अस्पताल में भर्ती होने को कवर करता है, पर हेल्थकेयर खर्च का एक बड़ा हिस्सा डॉक्टर के परामर्श, दवाओं और डायग्नॉस्टिक से संबंधित होता है। कैशलेस ओपीडी वाली पॉलिसी इस तरह के खर्चों का ख्याल रखेगी और उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जो अधिक आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च करते हैं या छोटे बच्चों वाले माता-पिता, जिनके बच्चे बीमारियों से ग्रस्त हैं।
ये सारे खर्चे होंगे शामिल
कैशलेस ओपीडी में प्रोफेशनल फीस, डायग्नोस्टिक फीस, मेडिसिन बिल, फ्रैक्चर का इलाज, डेंटल ट्रीटमेंट, अथॉराइज्ड डायग्नोस्टिक सेंटर, डेंटल केयर सेंटर और फार्मेसियों से लेकर छोटी सर्जरी तक शामिल होगी। हालांकि, अधिकांश बीमाकर्ता चश्मे, कॉन्टैक्ट लेंस, एम्बुलेटरी उपकरणों जैसे वॉकर आदि के लिए किए गए ओपीडी खर्चों को शामिल नहीं करते हैं।
क्या कहते हैं जानकार
वरिष्ठ नागरिकों को ओपीडी कवर का विकल्प चुनना चाहिए क्योंकि यह कंस्लटेंसी चार्जेस के साथ-साथ डायग्नोस्टिक शुल्क और फार्मेसी बिल भी कवर करता है। यह कैशलेस ओपीडी के लाभ को फ्लेक्सिबल और कंफर्टेबल बनाता है। विशेष रूप से उन पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए जिन्हें नियमित ओपीडी जाने की आवश्यकता होती है।
गारंटीड क्यूमेलेटिव बोनस
गारंटीड क्यूमेलेटिव बोनस वाली पॉलिसी भी जरूर देखें जो क्लेम के बाद समान प्रीमियम के बदले में क्यूमेलेटिव बोनस के नुकसान की रक्षा करती है। कुछ स्वास्थ्य योजनाएं हैं जो प्रति वर्ष 25-30% की गारंटीड क्यूमेलेटिव बोनस ऑफर करती हैं, जो बीमा राशि के 200 फीसदी तक जाता है, चाहे क्लेम राशि कुछ भी हो। हालांकि, यदि आप इतनी राशि के लिए नए कवरेज का विकल्प चुनते हैं, तो आपको अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, ऐसी पॉलिसी की तलाश करें जो रिन्यूअल के कुछ वर्षों के बाद लागू प्रीमियम पर लॉयल्टी छूट प्रदान करती हो। कुछ बीमाकर्ता तब अतिरिक्त छूट प्रदान करते हैं यदि पॉलिसी का रिन्यूअल नेशनल ऑटोमैटेड क्लियरिंग हाउस या स्थायी निर्देश या तो बैंक खाते से सीधे डेबिट किया जाता है या क्रेडिट कार्ड से। जानकार कहते हैं कि गारंटीड क्यूमेलेटिव बोनस का चयन करना फायदेमंद है क्योंकि इसके नतीजे में बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के हाई कवरेज राशि मिलती है।
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