Liquid ETF : लिक्विड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) म्यूचुअल फंड (एमएफ) ही होते हैं। मगर ये वे एमएफ होते हैं, जो काफी अधिक लिक्विड शॉर्ट टर्म डेब्ट सिक्योरिटीज या केवल मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। इसलिए, यदि आप एक डायरेक्ट स्टॉक निवेशक हैं और सोच रहे हैं कि ट्रेडिंग खाते में बेकार पड़े पैसे का बेस्ट उपयोग कैसे किया जाए, तो लिक्विड ईटीएफ इस तरह के पैसे को रखने और निवेश पर रिटर्न हासिल करने के लिए एक बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।
लिक्विड ईटीएफ में स्टॉक एक्सचेंजों पर कंपनी स्टॉक की तरह ही ट्रेड होता है। वे एनएसई और बीएसई के कैश मार्केट सेगमेंट में लिस्टेड होते हैं और इसलिए इनके लिए डीमैट खाता होना अनिवार्य है। अब तक आप ये समझ गये होंगे कि इनमें कैसे निवेश करके किस तरह शॉर्ट टर्म में प्रोफिट कमाया जा सकता है। आगे जानिए लिक्विड ईटीएफ के बाकी फायदे क्या हैं।
कुशल लिक्विडिटी मैनेजमेंट
आम तौर पर, जब कोई शेयर बेचता है, तो उसकी बिक्री की राशि ट्रेड होने के दो दिन बाद जमा की जाती है। यदि कोई ट्रेडर है, तो वह सेटलमेंट की तारीख पर आपके द्वारा बेचे जा रहे शेयरों के बराबर राशि के लिए तुरंत लिक्विड ईटीएफ खरीद सकता है। इस तरह, व्यक्ति सेटलमेंट की तारीख से ही निवेश पर रिटर्न प्राप्त करना शुरू कर सकता है। फ्यूचर के लेन-देन की खरीद के लिए ब्रोकर को लिक्विड ईटीएफ खरीदने या बेचने का निर्देश भी दिया जा सकता है। इस तरह लिक्विड ईटीएफ आपको पैसे को अधिक समझदारी से मैनेज करने की सुविधा देते हैं।
यह देखते हुए कि लिक्विड ईटीएफ एक्सचेंजों पर लिस्टेड हैं, इक्विटी निवेशकों के लिए यह सुविधाजनक है कि वे अपने ब्रोकरों को खरीद और बिक्री के लिए बिना दिक्कत निर्देशित करें। यह बैंक और ब्रोकर के बीच पैसा ट्रांसफर करने के लिए इंतजार करने के पारंपरिक तरीकों से कहीं अधिक बेहतर है। लिक्विड ईटीएफ एक निवेश ऑप्शन के रूप में बहुत लिक्विड है और इसे एक्सचेंजों पर आसानी से खरीदा या बेचा जा सकता है।
ट्रेडर्स और निवेशक, फ्यूचर एंड ऑप्शन पार्टिसिपेंट्स और इंस्टिट्यूशंस ब्रोकरों के साथ मार्जिन मनी बनाए रखने के लिए लिक्विड ईटीएफ खरीद सकते हैं। बात करें डिविडेंड की तो फंड हाउसों के बीच डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन के लिए कई अप्रोच हैं। कुछ फंड हाउस डिविडेंड को फिर से निवेश कर देते हैं, और उन्हें एडिश्नल फ्रेक्शनल यूनिट्स जारी की जाती हैं जिन्हें ब्रोकर्स के माध्यम से बेचा जा सकता है या लंबी अवधि के लिए रखा जा सकता है।
लिक्विड ईटीएफ उन लोगों के लिए सबसे बेस्ट हैं, जिनके पास ट्रेडिंग अकाउंट में एक्स्ट्रा पैसा पड़ा हुआ है। यह एक मार्जिन अकाउंट में बेकार पड़े पैसे का उपयोग करने का एक आसान और सुविधाजनक तरीका भी है। इंडिविजुअल निवेशक भी लिक्विड ईटीएफ को प्रभावी शॉर्ट टर्म निवेश ऑप्शन के रूप में मान सकते हैं।
नोट : यहां पर निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!