नई दिल्ली, जुलाई 28। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार लगातार नई योजनाएं लेकर आ रही है। अब महिलाओं की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने एक कार्यक्रम शुरू किया है। हालांकि यह योजना काफी पुरानी है, लेकिन इसके नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। योजना का नाम प्रधानमंत्री मातृत्व योजना है, इस योजना के तहत केन्द्र सरकार आर्थिक रुप से कमजोर महिलाओं को मां बनने पर 6000 रुपये देती है। सरकार यह राशि शीशु के देखभाल के लिए प्रदान करती है।

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आत्मनिर्भर बनाने का है लक्ष्य

केंद्र सरकार इस योजना के तहत महिलाओं के खाते में 6000 रुपये भेजेगी। इस योजना की मदद से सरकार ऐसी महीलाओं की सहायता करना चाहती है जिनके पास किसी तरह का रोजगार का साधन नहीं है। इस योजना के साथ साथ महिलाएं प्रधानमंत्री मातृत्व कार्यक्रम के माध्यम से अपने बच्चों का देखभाल कर सकती है।

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केवल महिलाओं को मिलता है लाभ

आपको बता दें कि केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ केवल महिलाओं को दिया जाता है। ये ऐसी महिलाएं होती है जिनकी आय न्यूनतम होती है। इसके अलावा, पीएम वंदना योजना के तहत मैटरनिटी अस्पताल में पहली बार महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना 1 जनवरी, 2017 को शुरू हुई थी। इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री गर्भावस्था कार्यक्रम के रूप में भी जाना जाता है।

जच्चा-बच्चा का ख्याल

इस योजना का उद्देश्य मां और बच्चा दोनों को सुरक्षित रखना है। सरकार इसी लिए आर्थिक रुप से कमजोर महिलाओं को 6000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सरकार महिलाओं को 3 चरणों में यह पैसा देती है। गर्भवती महिलाओं को पहले चरण में 1000 रुपये, दूसरे चरण में 2000 रुपये और तीसरे चरण में 2000 रुपये प्राप्त होते हैं। सरकार बच्चे के जन्म के समय अस्पताल को 1000 रुपये देती है। सरकार की यह योजना शुरुआती दिनों में बच्चो की देखभाल में बहुत ही कारगर होती है।