शेयर बाजार में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद तेज करेक्शन देखने को मिला. गिरावट इतनी बड़ी थी कि 4 साल का रिकॉर्ड टूट गया. बाजार में मंगलवार को आई गिरावट में निवेशकों को करीब 30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. चुनावी नतीजों के बाद बाजार को लेकर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने नजरिया बदला है. क्योंकि केंद्र में भाजपा को बहुमत नहीं मिला है. ऐसे में केंद्र की नीतियों में बदलाव हो सकता है. साथ ही विदेशी निवेशकों का स्टांस भी बदल सकता है. ऐसे में गोल्डमैन सैक्स, जेफरीज, CLSA, UBS, मॉर्गन स्टेनली और बर्नस्टीन जैसे बड़े ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी और सेक्टर को लेकर नजरिया दिया है.

Advertisement

गोल्डमैन सैक्स

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि लोकसभा चुनाव में NDA की सीटें घटी हैं. लेकिन मैक्रो स्टैबिलिटी और ग्रोथ स्टोरी अभी मजबूत है. 2024 और 2025 की अर्निंग CAGR 15% रहने का अनुमान है. साथ ही विदेशी निवेशकों का निवेश भी लौटेगा. ब्रोकरेज ने कहा कि हम भारत पर अभी भी ओवरवेट हैं. डोमेस्टिक सेक्टर पसंद है. रूरल सपोर्ट से स्टेपल बढ़ेगा.

Advertisement

जेफरीज

लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को बहुमत नहीं मिलना सरप्राइज रहा. हालांकि, मोदी की नेतृत्व में NDA की सरकार बन रही है. इस लिहाज से हाउसिंग कैपेक्स अपसायकल में भरोसा जारी रहेगा. हालांकि, शेयर बाजार को भरोसा जताने के लिए और सबूत मांगेगा. उदाहरण के तौर पर 2004 का समय देखा जा सकता है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने प्राइवेट बैंक, कंज्युमर स्टेपल, ऑटो OEMs पर ओवरवेट की रेटिंग दी है.

Advertisement

CLSA

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने भारत के पोर्टफोलियो में HCL Tech को L&T के साथ बदला है. प्राइवेट बैंक, IT, इंश्योरेंस और कमोडिटी पसंदीदा सेक्टर में शामिल किया है.

UBS

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि लोकसभा नतीजों के बाद निवेशकों का फोकस सरकार के गठन और नए प्रधानमंत्री कैंडिडेट पर है. क्योंकि चुनाव में BJP को बहुमत नहीं मिला है, तो मोदी ही प्रधानमंत्री रहेंगे या कोई और बनेगा PM. नीतियों के चुनाव से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा, जिससे मैक्रो स्टैबिलिटी दिखेगी. ब्रोकरेज ने इमर्जिंग मार्केट में भारत पर अंडरवेट रेटिंग को बरकरार रखा है.

Advertisement

Morgan Stanley

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भारत को लेकर मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए नजरिए में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि, दो सवाल हैं, जिसमें ग्रोथ की रफ्तार और मैक्रो स्टेबिलिटी शामिल हैं.

Bernstein

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने हाई सिंगल डिजिट रिटर्न को लेकर नजरिया बरकरार है. इसके लिए निफ्टी पर 23500 का टारगेट है. बर्नस्टीन ने भारतीय शेयर बाजार में फाइनेंशियल सेक्टर पर ओवरवेट की रेटिंग बरकरार रखा है. हालांकि, सेक्टर में चुनिंदा शेयर ही पसंदीदा है. इसके अलावा लार्ज कैप के मुकाबले स्मॉल और मिडकैप सेक्टर अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी है.