RBl : आज यानी गुरुवार 6 अप्रैल 2023 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की है कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट को होल्ड रखने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि खुदरा मुद्रास्फिति+/-2 फीसदी के साथ 4 फीसदी पर बनी रहे।

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लगातार 6 बार रेपो रेट में बढ़ोतरी हुई। यह पहली बार होगा। जब एमपीसी ने रेपो रेट को नहीं बदलने का निर्णय किया है। लेकिन स्थिर मुद्रा स्फीति के बाबजूद इसको अभी के लिए रोक कर रखा गया है। हालांकि, कुछ विश्लेषक और अर्थशास्त्री इसके 25 आधार अंक बढ़ने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन यह फैसला कॉरपोरेट इंडिया के द्वारा एक स्वागत योग्य रहा है, तो चलिए जानते है उनसे से कुछ का इस पर क्या कहना है।

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ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के सीईओ संदीप बागला ने कहा है कि हम उम्मीद कर रहे है की जीडीपी और इनफ्लेशन दोनों ही क्रमश: आरबीआई वर्ष के आखिरी तक अनुमान 6.5 प्रतिशत और 5.2 प्रतिशत से काफी नीचे होंगे।

सायरस मोदी, फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर, वायसरॉय प्रॉपर्टीज ने कहा कि आरबीआई की यह घोषणा एक विवेकपूर्ण थी। क्योंकि गवर्नर ने रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। जिससे मई 2022 से जो कुल वृद्धि है यह 250 आधार अंक हो गए है। जिसमें जो 6 बढ़ोतरी है वह शामिल है। अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिख रहे है।

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आईएमजीसी के चीफ ऑपरेशन ऑफिसर अनुज शर्मा ने कहा कि दरों में यथास्थिति बनी रहने से मार्केट में स्थिरता और पूर्वानुमेयता आती है। जो सस्टेन होम डिमांड और रियल एस्टेट के मार्केट को बढ़ा सकती है।

आनंद राठी शेयर्स की चीफ इकोनॉमिस्ट एंड एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुजान हाजरा ने कहा कि अधिकांश प्रमुख केंद्रीय बैंक के द्वारा मुद्रास्फीति अभी भी हाई और हाल ही को दरों में वृद्धि के साथ 25बीपीएस दर इजाफे की काफी अधिक संभावना थी। आरबीआई के ठहराव का ऑप्शन यह सुझाव देता है कि आरबीआई सॉफ्ट इंफ्लेशन और ग्रोथ की अपेक्षा करता है।

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अजमेरा रियल्टी एंड इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के सीएफओ ने नितिन बाविसी ने कहा कि आरबीआई का रेपो रेट को अपरिवर्तित रखने का जो फैसला है। यह फैसला अधिकांश सेक्टोरीस्वकेज पॉजिटिव सप्राइज के रूप में आया है। इससे रियल एस्टेट में काफी अधिक खुशी होगी। अभी जो मौजूदा व्यवस्था है इस व्यवस्था को देखकर हम उम्मीद कर रहें है कि आगे चलकर मुद्रास्फीति में नरमी आएगी।

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