Mutual Fund: निवेश की दुनिया में म्यूचुअल फंड आज के समय में नए और अनुभवी दोनों तरह के निवेशकों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बन चुका है। खासकर नए निवेशक, जो सीधे शेयर बाजार (Share Market) में जोखिम नहीं लेना चाहते, वे अक्सर म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) के जरिए अपनी निवेश यात्रा की शुरुआत करते हैं। इसका कारण यह है कि इसमें पैसे का प्रबंधन विशेषज्ञ फंड मैनेजर द्वारा किया जाता है और यह निवेश को शेयर के मुकाबले सरल और व्यवस्थित बनाता है।
निवेश शुरू करने से पहले केवल रिटर्न देखना पर्याप्त नहीं होता। म्यूचुअल फंड से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलू जैसे एक्सपेंस रेशियो और एग्जिट लोड को समझना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि ये सीधे आपके रिटर्न को प्रभावित करते हैं। तो चलिए समझते हैं कि एक्सपेंस रेशियो और एग्जिट लोड के बारे में कि यह होता क्या है और यह कैसे आपके रिटर्न को प्रभावित कर सकता है?
एक्सपेंस रेशियो क्या होता है-
म्यूचुअल फंड को चलाने और मैनेज करने के लिए एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMC) कई प्रकार के खर्च करती हैं। इनमें फंड मैनेजर की सैलरी, रिसर्च टीम का खर्च, प्रशासनिक खर्च, ब्रोकरेज, मार्केटिंग और विज्ञापन जैसे खर्च शामिल होते हैं। इन सभी खर्चों को मिलाकर जो सालाना शुल्क निवेशकों से लिया जाता है, उसे ही एक्सपेंस रेशियो कहा जाता है। उदाहरण के लिए, अगर आपने ₹1,00,000 निवेश किए हैं और एक्सपेंस रेशियो 1% है, तो सालाना ₹1,000 आपके रिटर्न से खर्च के रूप में घट जाएगा।
एग्जिट लोड क्या होता है-
एग्जिट लोड वह शुल्क है जो तब लगाया जाता है जब निवेशक अपने म्यूचुअल फंड यूनिट्स को तय समय सीमा से पहले बेच देता है या पैसा निकाल लेता है। इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों को लंबी अवधि तक निवेश में बने रहने के लिए प्रेरित करना होता है। अधिकतर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में अगर आप 1 साल से पहले पैसा निकालते हैं, तो लगभग 1% तक एग्जिट लोड देना पड़ सकता है। हालांकि, यह नियम हर फंड में अलग हो सकता है।
निल एग्जिट लोड ज्यादा बेहतर-
कुछ म्यूचुअल फंड स्कीम्स "निल एग्जिट लोड" के साथ आती हैं, यानी उनमें समय से पहले पैसा निकालने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता। तो ये रही एग्जिट लोड और एक्सपेंश रेशियों के बारे में जानकारी। अब अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते है या निवेश के बारे में सोच रहे है को निवेश से पहले आपको रिटर्न के साथ-साथ एक्सपेंस रेशियो और एग्जिट लोड जैसे खर्चों को भी समझना जरूरी है।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]
More Articles
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय
- अनलिमिटेड 5G का सच: Jio, Airtel और Vi के प्लान्स में क्या है छिपा हुआ पेंच?
- HDFC SmartBuy पर Amazon Pay वाउचर गायब: रिवॉर्ड पॉइंट्स बचाने का अब क्या है तरीका?
- Juniper Green Energy और MV Electrosystems IPO: आज जारी होगा अलॉटमेंट स्टेटस, ऐसे करें चेक
- DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!