Weather Today: राजधानी दिल्ली में बारिश न होने से हाल बेहाल होता जा रहा है. एक तरफ गर्मी बढ़ रही है, तो दूसरी ओर प्रदूषण बढ़ने से दिक्कत हो रही है. बीते बुधवार को दिल्ली में तापमान में जोरदार उछाल देकने को मिला. क्योंकि यहां पारा अधिकतम 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. पिछले दिनों के मुकाबले अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की बढ़त दर्ज की गई. शहर की हवा में नमी भी 41 से 92 प्रतिशत के बीच रही.
अब मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए अनुमान जारी कर दिया है. इसके मुताबिक आसमान साफ रहने और लगातार धूप खिलने का अनुमान लगाया है. साथ ही धूप खिलने से अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. चूंकि मानसून का मौसम दिल्ली में सामान्य से ज़्यादा बारिश लेकर आता है, इसलिए इस मौसम की विदाई इसकी सामान्य से थोड़ी देरी से हो रही.
दिल्ली की हवा हो रही खराब
इस साल शहर में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जोकि कुल 1029.9 मिमी रही. जबकि सामान्य औसत 640.3 मिमी से 389.6 मिमी ज़्यादा है. इतनी भारी बारिश से शहर के लोगों को जलभराव समेत अन्य दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा. क्योंकि इस दौरान 13 लोगों की दुखद मौत भी हुई है.
बारिश न होने से अब राजधानी में हवा भी खराब हो रही है. शहर में वायु प्रदूषण के स्तर में धीरे-धीरे बढ़त नजर आ रहा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने बुधवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 172 दर्ज किया है, जो मंगलवार को 151, सोमवार को 127 और रविवार को 76 से काफी ज्यादा है. केवल तीन दिनों में AQI में 96 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, जो बारिश के रुकने और तेज धूप के साथ खराब होती वायु गुणवत्ता का संकेत है.
यूपी और बिहार में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश (यूपी) और बिहार में भारी बारिश बंद हो गई है, लेकिन अभी भी कुछ जिलों में हल्की बारिश हो रही है. बारिश में इस कमी की वजह से बाढ़ से प्रभावित इलाकों में जलस्तर में कमी आई है. मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी और बिहार के कुछ जिलों में हल्की बारिश जारी रहने की उम्मीद है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गोरखपुर, देवरिया, लखनऊ और बस्ती समेत यूपी के पूर्वी इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है. इस बीच बिहार में हल्की बारिश की वजह से तापमान सामान्य स्तर पर रहने का अनुमान है.
उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश के रुकने से न केवल बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि इन क्षेत्रों में मध्यम तापमान बनाए रखने में भी मदद मिली है. बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जल स्तर में कमी रिकवरी और पुनर्निर्माण की दिशा में सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है.
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