Vodafone Idea Share Price: आज कारोबारी शेसन में बाजार की शुरुआत जबरदस्त उछाल के साथ हुई है। बाजार के दोनों बेंचमार्क पॉजिटिव ट्रेड कर रहे हैं। वहीं, शेयर बाजार गुरुवार को ग्रीन जोन में बंद हुआ था। इन दिनों कंपनियां अपने तिमाही के रिजल्ट का ऐलान कर रही हैं।

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इस कड़ी में भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (Vi) ने जून तिमाही (Q1FY26) के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को इस तिमाही में नुकसान का सामना करना पड़ा है, लेकिन दूसरी ओर उसकी आमदनी (रेवेन्यू) में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

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आज कंपनी के शेयर ऐसे कर रहे हैं कारोबार

आज ट्रेडिंग के दौरान वोडाफोन-आइडिया के शेयर फोकस में बने हुए है। कंपनी के शेयर शुरूआती कारोबार में सुबह के 9:52 बजे तक करीब 4% उछलकर 6.38 रुपए पर कारोबार कर रहा है। पिछले कारोबारी सेशन पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर 6.15 रुपए पर क्लोज हुआ था। कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक हाई अपना 16 रुपए अगस्त 2024 में टच किया था। वहीं, कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक लो 8 रुपए अगस्त 2025 में टच किया था। कंपनी की मार्केट कैप 68,797.83 करोड़ रुपए है।

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घाटा बढ़कर ₹6,608 करोड़

वोडाफोन-आइडिया का कंसोलिडेटेड घाटा इस तिमाही में बढ़कर ₹6,608.1 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का घाटा ₹6,432.1 करोड़ था। यानी कंपनी का लॉस सालाना आधार पर और बढ़ा है।

रेवेन्यू में 4.9% की बढ़त

कंपनी के राजस्व में इस बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून तिमाही में वोडाफोन-आइडिया का रेवेन्यू 4.9% बढ़कर ₹11,022.5 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा कम था। रेवेन्यू में यह उछाल कंपनी के लिए राहत की बात मानी जा रही है।

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ग्राहकों की संख्या और डेटा खपत

कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को बनाए रखना और नए ग्राहकों को जोड़ना है। दूसरी ओर डेटा खपत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे कंपनी के रेवेन्यू पर सकारात्मक असर पड़ा है।

लगातार दबाव में कंपनी

कंपनी लंबे समय से भारी कर्ज और बढ़ते घाटे के दबाव में है। सरकार से मिले राहत पैकेज और रिफॉर्म्स ने थोड़ी मदद जरूर की है, लेकिन अब भी कंपनी को बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने और नेटवर्क विस्तार पर ध्यान देना होगा।

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भविष्य की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के लिए 5G सर्विसों में निवेश और नेटवर्क क्वालिटी में सुधार अहम होगा। साथ ही अगर टैरिफ में बढ़ोतरी होती है तो कंपनी की आमदनी और मुनाफे की स्थिति बेहतर हो सकती है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)