नई दिल्ली: वोडाफोन आइडिया ने अपने कर्मचारियों को एंड ईयर के दौरान बड़ा तोहफा दिया है। वोडाफोन आइडिया ने सीनियर लेवल पर अपने कर्मचारियों को नवंबर महीने से एक्स्ट्रा सैलरी देने का ऐलान किया है।
देश की तीसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया इस समय एक अजीब से संकट से जूझ रही है। कंपनी से जॉब छोड़कर जाने वाले स्टाफ की संख्या लगातार बढ़ रही है। कंपनी ने इस तरह का नुकसान रोकने के लिए अपने स्टाफ को एक महीने की अतिरिक्त सैलरी देने की पेशकश की है। वोडाफोन-आइडिया के सीनियर लेवल के अधिकारी भी पिछले कुछ दिनों में कंपनी की खराब होती स्थिति की वजह से नौकरी छोड़कर जा रहे हैं। वोडाफोन-आइडिया अपने उन्हीं स्टाफ को एक महीने की एक्स्ट्रा सैलरी दे रही है।
दरअसल, वोडाफोन आइडिया कंपनी में इस समय हाई लेवल पर काफी भगदड़ मची हुई है, इसे रोकने के लिए मैनेजमेंट ने अपने सीनियर लेवल के कर्मचारियों को नवंबर से सैलरी के साथ अतिरिक्त अनुदान देने की घोषणा की है। हालांकि एक्स्ट्रा सैलरी के रूप में वोडाफोन कर्मचारियों को क्या दिया जाएगा, इसका खुलासा नहीं हुआ है। वोडाफोन आइडिया ने इसके साथ ही मार्केटिंग डायरेक्टर अवनीश खोसला के प्रमोशन की घोषणा की है। कंपनी ने भगदड़ को रोकने के लिए अवनीश खोसला को मार्केटिंग डायरेक्टर से चीफ मार्केटिंग ऑफिसर बनाने का ऐलान किया है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि चीफ मार्केटिंग ऑफिसर की पोस्ट पिछले दो सालों से खाली थी।
जानकारी के मुताबिक, हालांकि वोडाफोन आइडिया ने सीनियर लेवल के कर्मचारियों को सैलरी के साथ एक्स्ट्रा अनुदान देने की घोषणा के साथ कुछ शर्तें भी तय की है। शर्तों के मुताबिक, कंपनी उन्हीं सीनियर कर्मचारियों को सैलरी के साथ अतिरिक्त अनुदान देगी जो वोडाफोन कर्मचारी 31 मार्च, 2021 तक कंपनी छोड़कर नहीं जाएंगे। यानी एक्स्ट्रा सैलरी लेने वाले कर्मचारी 31 मार्च 2021 तक कंपनी से इस्तीफा नहीं दे पाएंगे। अगर कर्मचारी 31 मार्च से पहले इस्तीफा देते हैं तो कंपनी द्वारा दी गई अतिरिक्त अनुदान काट लिया जाएगा।
वहीं इस बात की भी जानकारी मिली है कि काफी सीनियर कर्मचारी कंपनी से इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं, जिसके बाद वोडाफोन में हंगामा मच गया है। इस भगदड़ को रोकने के लिए कंपनी की तरफ से यह ऑफर दिए गए हैं। बता दें कि रिलायंस जियो के आने के बाद वोडाफोन की हालत काफी खराब हो गई है। अभी सितंबर में खबर आई थी कि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजीव ठक्कर को उनके मौजूदा तीन साल के कार्यकाल के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा। कंपनी ने अपनी वार्षिक आम सभा की सूचना में कहा है कि वोडाफोन आइडिया ठक्कर के कंपनी के काम के चलते होने वाले खर्चे वहन कर सकती है। वोडाफोन आइडिया ने ठक्कर को बलेश शर्मा के इस्तीफे के बाद ठक्कर को तीन साल के लिए अपना प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त किया था। कंपनी के इस ऐलान के बाद कर्मचारियों में भगदड़ मच गई थी।
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