Vishwakarma Scheme : प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में विश्वकर्मा योजना का ऐलान करने के एक दिन बाद केंद्र ने ट्रेडिशनल स्किल में लगे लोगों के लिए आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने की पीेएम विश्वकर्मा योजना को मंजूरी दे दी।

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बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऐलान करते हुए कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना को मंजूरी दी।

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केंद्रीय मंत्री की तरफ से कहा गया है कि 13 हजार करोड़ रु की विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को 3 लाख रु तक का रियायती लोन मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को 5 फीसदी ब्याज पर पहली किस्त में 1 लाख रु तक की राशि का लोन प्रदान किया जाएगा। दूसरी किश्त में 2 लाख रु तक की राशि का लोन सहायता प्रदान की जाएगी। यह भी रियायती 5 फीसदी ब्याज दर पर प्रदान की जाएगी।

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केंद्रीय मंत्री की तरफ से कहा गया है कि पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को फाइनेंशियल हेल्प प्रदान करने पर केंद्रित होगी। इतना ही नहीं इसके अलावा यह स्कीम उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

कौशल प्रशिक्षण के लिए पांच सौ रु का वजीफा दिया जाएगा और आधुनिक उपकरण को खरीदने के लिए 1 हजार 500 रुपये दिए की राशि दी जाएगी।

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विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य लोन उपलब्ध कराना, कौशल उन्नयन, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन टूलकिट प्रोत्साहन और मार्केटिंग सपोर्ट सुनिश्चित करके पारंपरिक श्रमिकों को समग्र संस्थागत मदद प्रदान करना है।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना से 30 लाख परिवारों को लाभ होने की उम्मीद है। उन्होंने ऐलान किया कि योजना के लिए रजिस्टेशन गांवों में सामान्य सेवा केंद्रों पर किया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि योजना की पूरी फंडिंग केंद्र सरकार की तरफ से वहन की जाएगी, लेकिन उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकारों के समर्थन की जरुरत होगी।

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