नई दिल्ली, जुलाई 11। भारत के भोगड़े वय्वसायी विजय माल्या के खिलाफ अदालत के अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने विजय माल्या को चार महीने की कैद की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ अदालत ने माल्या को 2 हजार रुपए का जुर्माना भरने को भी कहा है। कोर्ट ने यह कार्रवाई 2017 के एक केस के सिलसिले में किया है। सुप्रीम कोर्ट माल्या के कोर्ट में बार-बार हाजीर ना होनें के रवैये से नाराज था। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उमेश ललित, जस्टिस रविन्द्र भट्ट और जस्टिस पी नरसिम्हा की बेंच ने यह फैसला सुनाया।
हिन्दुस्तान के खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 10 मार्च को सजा से संबंधित फैसला सुरक्षित रख लिया था । भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या 2017 में अदालत की अवमानना मामले में दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने इस मामले में माल्या को सजा देने का फैसला 10 मार्च को ही तय कर लिया था।अदालत ने कहा था कि अदालत की अवमानना मामले में अब कोई सुनवाई नहीं होगी। माल्या ने 2020 में पुनर्विचार याचिका भी दायर की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। माल्या 2016 में देश छोड़ के भाग गया था तब से ही वह ब्रिटेन में रह रहा है।
विजय माल्या ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया था। माल्या ने अपने बच्चो को 40 मिलियन डॉलर भेजा था और यह बात उसने अदालत में नहीं बताई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में माल्या को दोषी पाया था। फैसले में कोर्ट ने विजय माल्या को चार हफ्तों के अंदर ब्याज सहित 40 मिलियन डॉलर चुकाने के आदेश दिए हैं। अगर माल्या ऐसा नहीं करते हैं तो यह राशी माल्या के सम्पत्ती में से अटैच की जाएगी।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में बैंक ने बताया कि माल्या ने कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपने बच्चो को ब्रिटेन की एक कंपनी के माध्यम से 40 मिलियन डॉलर भेजे थे।
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