नयी दिल्ली। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के मुताबिक जनवरी 2019 के मुकाबले जनवरी 2020 में यात्री वाहनों की रिटेल सेल्स 4.61 फीसदी घटी है। पिछले महीने यात्री वाहनों की रिटेल सेल्स 2,90,879 यूनिट्स रही। फाडा के अनुसार, जिसने 1,432 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में से 1,223 से वाहन पंजीकरण डेटा एकत्र किया, जनवरी 2019 में यात्री वाहनों की 3,04,929 यूनिट्स बिकी थीं। बता दें कि देश में बीएस-6 एमिशन नियम लागू होने जा रहे हैं, जिससे वाहनों की कीमतों में 12 फीसदी तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। यानी बहुत जल्द नये वाहनों की कीमतें बढ़ेंगी। मगर इसके बावजूद ग्राहक दोपहिया या कार खरीदने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। अगर कुल वाहनों की रिटेल सेल्स देखें तो जनवरी में 7 फीसदी की गिरावट आयी है।
जनवरी 2019 के मुकाबले जनवरी 2020 में दोपहिया वाहनों की रिटेल सेल्स 13,89,951 यूनिट्स से 8.82 फीसदी घट कर 12,67,366 यूनिट्स और कारोबार वाहनों की सेल्स 88,271 यूनिट्स से 6.89 फीसदी घट कर 82,187 यूनिट्स रह गयी। हालांकि इस दौरान तिपहिया वाहनों की बिक्री में 9.17 फीसदी का इजाफा हुआ, जो 58,178 यूनिट्स से बढ़ कर 63,514 यूनिट्स रही। वहीं सभी कैटेगेरी में मिला कर कुल बिक्री 7.17 प्रतिशत घट कर 17,50,116 इकाई रह गई, जो जनवरी 2019 में 18,85,253 इकाई रही थी।
नए उत्सर्जन मानदंडों की शुरुआत से पेट्रोल वाहनों में से कारों की कीमतों में 20,000 रुपये, दोपहिया वाहनों की कीमतों में 6000 रुपये और डीजल वाहनों की कीमतों 100,000 रुपये तक बढ़ोतरी की संभावना है। बता दें कि ऑटोमोबाइल कंपनियां 31 मार्च के बाद बीएस-4 वाहन नहीं बेच सकेंगी। इसलिए ऐसा अनुमान है कि वाहन कंपनियों को अपनी बीएस-4 गाड़ियों को इस डेडलाइन से पहले निपटाना होगा। उन पर इन गाड़ियों को 31 मार्च से पहले बेचने का दबाव भी होगा। ऐसे वाहन कंपनियों की तरफ से पुरानी यानी बीएस-4 गाड़ियों पर बड़ी छूट दिये जाने की संभावना है।
कुछ ही दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने फाडा को झटका देते हुए इसकी उस याचिका को रद्द कर दिया था जिसमें भारत स्टेज-4 (बीएस-4) तकनीक वाले वाहनों की बिक्री के लिए तय गयी डेडलाइन को एक महीने बढ़ाने की मांग की गयी थी। डीलरों की मांग थी कि उन्हें अपना बीएस-4 स्टॉक निपटाने के लिए एक और महीना दिया जाये। शीर्ष अदालत ने 24 अक्टूबर 2018 को कहा था कि 1 अप्रैल 2020 से भारत में कोई भी बीएस-4 वाहन बेचा या रजिस्टर नहीं किया जाएगा। अप्रैल 2017 से देश भर में बीएस-IV मानदंड लागू किए गए हैं, जो 1 अप्रैल से बदलने जा रहे हैं।
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