Vedanta Share Demerger: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बताया कि वेदांता ग्रुप की अलग हुई चारों कंपनियां अगले महीने तक लिस्ट हो जाएंगी। CNBC-TV18 के साथ एक खास इंटरव्यू में अनिल अग्रवाल ने कहा कि निवेशकों को अगल महीने वेदांता ग्रुप की अलग हुई चारों शेयर मिल जाएंगे।
वेदांता ग्रुप की चार कंपनियां कौन सी है?
इस डीमर्जर से चार अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां बनेंगी।
- Vedanta Aluminium- यह पूरी तरह से एल्युमीनियम बिजनेस पर फोकस करेगा, जो ग्रुप के मुख्य ग्रोथ सेगमेंट्स में से एक है।
- Vedanta Oil & Gas- इसमें अपस्ट्रीम तेल और गैस की खोज और उत्पादन के ऑपरेशन्स शामिल होंगे।
- Vedanta Power- यह ग्रुप के मर्चेंट पावर जेनरेशन बिजनेस को मैनेज करेगा।
- Vedanta Iron and Steel- यह लौह अयस्क की माइनिंग और स्टील के ऑपरेशन्स की देखरेख करेगा।
वेदांता एल्युमिनियम शेयर- अनिल अग्रवाल ने बताया कि वेदांता एल्युमीनिय अभी हर साल 30 लाख टन एल्युमीनियम बनाती है और अगले तीन सालों में इसका लक्ष्य 60 लाख टन तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि यह प्राइवेट सेक्टर में दुनिया की सबसे बड़ी एल्युमीनियम कंपनी बन जाएगी। ग्रुप की यह भी योजना है कि वह एल्युमीनियम बिजनेस के साथ-साथ एक इंडस्ट्रियल पार्क मॉडल के जरिए 1,000 डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्रीज भी डेवलप करे।
वेदांता ऑयल एंड गैस शेयर- दूसरी है ऑयल और गैस का बिजनेस, जिसे अग्रवाल ने अपना 'दिल और जान' बताया। उन्होंने कहा कि वेदांता अगले तीन से पांच सालों में 500,000 बैरल प्रति दिन का प्रोडक्शन लेवल हासिल करने के लिए 5 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। ग्रुप के हाइड्रोकार्बन एसेट्स में टाइट ऑयल, शेल गैस, शैलो वॉटर, डीप वॉटर और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया का एक ब्लॉक शामिल है, जहां अग्रवाल के मुताबिक, देश का पहला तेल निकाला गया था। उन्होंने कहा कि ग्रुप बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए सरकार से लंबी अवधि की लीज लेने की कोशिश कर रहा है।
वेदांता पावर शेयर- तीसरी कंपनी एक पावर कंपनी है जो अभी 4,000 मेगावाट बिजली बना रही है, और इसका लक्ष्य 20,000 मेगावाट तक पहुंचना है। यह सब ब्राउनफील्ड विस्तार के जरिए होगा। अग्रवाल ने बताया कि कंपनी के पास कोयले की पूरी लिंकेज है और उन्होंने कोयले को ऊर्जा का एक टिकाऊ स्रोत बताया। उन्होंने कहा, "कोयला कहीं नहीं जा रहा है।"
वेदांता आयरन एंड स्टील शेयर- चौथी कंपनी एक आयरन और स्टील कंपनी है। अग्रवाल ने बताया कि ग्रुप अभी 40 लाख टन स्टील का उत्पादन करता है-जिसमें से 30 लाख टन इसके मुख्य प्लांट में और 10 लाख टन गोवा में बनता है। इसका लक्ष्य 1.5 करोड़ टन ग्रीन, इलेक्ट्रिकल या स्पेशल स्टील का उत्पादन करना है। उन्होंने कहा कि इस बड़े पैमाने पर उत्पादन को बनाए रखने के लिए कंपनी के पास अपना खुद का आयरन ओर और कोक सप्लाई मौजूद है।
वेंदांता शेयरों की लिस्टिंग डिटेल्स
अप्रैल 2026 में, वेदांता रिसोर्सेज ने कहा कि अलग हुई कंपनियों के शेयर जून के मध्य तक लिस्ट होने और उनमें ट्रेडिंग शुरू होने की उम्मीद है। Q4 के वित्तीय नतीजों पर निवेशकों के साथ एक कॉल के दौरान, वेदांता रिसोर्सेज की CEO देशनी नायडू ने कहा कि यह डीमर्जर अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, "अलग हुई कंपनियों के शेयर जून के मध्य तक लिस्ट होने और उनमें ट्रेडिंग शुरू होने की उम्मीद है।" वेदांता लिमिटेड, वेदांता रिसोर्सेज की भारतीय शाखा है।
वेदांता शेयर प्राइस
आज वेदांता के शेयर की कीमत 1% से ज्यादा बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। लेकिन बाद में गिरावट आई। ऐसा तब हुआ जब कंपनी ने घोषणा की कि उसे एक दशक से भी ज्यादा समय में अपनी सबसे ऊंची घरेलू क्रेडिट रेटिंग मिली है। मूडीज से जुड़ी रेटिंग एजेंसी ICRA ने वेदांता ग्रुप की मुख्य कंपनियों की लंबी अवधि की रेटिंग को 'स्टेबल' आउटलुक के साथ बढ़ाकर AA+ कर दिया है।
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