Uttrakhand Govt : मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार बेमौसमी सब्जी और फूलों की संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड सरकार पॉलीहाउस को बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार के द्वारा किसानों को पॉलीहाउस लगाने पर 80 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक से 18,000 क्लस्टर आधारित पॉलीहाउस लगाने के लिए 280 करोड़ रु की मंजूरी दे दी। यह क्लस्टर हाउस लगने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख लोगों को स्वरोजगार प्राप्त होगा, तो आइए जानते है इसके बारे में।

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राज्य सरकार ने उत्तराखंड में 50,000 पॉलीहाउस को लगाने का लक्ष्य रखा है

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के विजन 2025 के तहत उत्तराखंड में औद्यानिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने उत्तराखंड में 50,000 पॉलीहाउस को लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 200 करोड़ रु की राशि का बजट में प्रावधान किया है। नाबार्ड की ओर से सब्जी और फूलों की खेती के लिए ग्रामीण आधारभूत सुविधा विकास निधि के तहत 18,000 पॉलीहाउस लगाने की मंजूरी दी। इसके लिए 280 करोड़ रु की राशि स्वीकृति की है।

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योजना यह है

किसानों को पॉलीहाउस लगाने के लिए जितनी लागत आएगी। इस लागत का केवल 20 प्रतिशत राशि देना होगा। बाकी शेष 80 फीसदी जो राशि है यह राशि राज्य सरकार के द्वारा सब्सिडी के रूप में दी जाएगी। 18,000 हजार पॉलीहाउस में से 12,000 पॉलीहाउस में सब्जी का उत्पादन किया जायेगा। अगर हम वर्तमान की बात करते है, तो फिर लगभग 6.57 लाख मीट्रिक टन सब्जी उत्पादन किया जाता है। पॉलीहाउस के लगाने से सब्जी उत्पादन में 15 फीसदी सालाना वृद्धि का अनुमान है। इस तरह फूलों की खेती 6,000 पॉलीहाउस में की जाएगी।

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ताजे व गुणवत्तायुक्त उत्पाद वक्त से पहुंचने के वजह उचित मूल्य प्राप्त होगा

प्रदेश के भीतर उत्पादित फूलों और सब्जियों को स्थानीय मंडियों में ताजे व गुणवत्तायुक्त उत्पाद समय से पहुंचने के वजह से उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही लखनऊ, दिल्ली, चंडीगढ़ की मंडियों में भी ताजे व गुणवत्तायुक्त उत्पाद वक्त से पहुंचने के वजह उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत स्थापित होने वाली 1791 इकाइयों है। इन इकाइयों को राज्य से ही कच्चे माल की आपूर्ति संभव होगी।

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