Uttarakhand : उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु की तरफ से कहा गया है कि आने वाले 40 वर्षों में क्षेत्र की यातायात व्यवस्था व दूसरी पर्यटन सुविधाओं को ध्यान में रखकर जागेश्वर धाम को विकसित किया जाएं।

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उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के आस पास के क्षेत्रों को भी इस मास्टर प्लान में शामिल किया जाए और इन क्षेत्रों को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए।

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मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने गुरुवार को सचिवालय में जागेश्वर धाम मास्टर प्लान पर पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने निर्देश किया ही कि आने वाले वक्त में जो क्षेत्र बॉटल नेक बन सकते हैं, उन्हें अभी से इस तरह डिजाइन किया जाएं कि यातायात के बढ़ाने से जाम की संभावना बेहद ही कम हो।

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उन्होंने कहा है कि जागेश्वर धाम के आस पास के वन क्षेत्र होने के वजह से आप जागेश्वर धाम के आस पास ई को दूरिज्म की संभावना को भी तलाश करें। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों के अनुरूप ट्रेकिंग आदि की संभावना की भी तलाश की जाएं। इसके साथ ही युवाओं के अनुरूप ट्रेकिंग आदि की संभावना की भी तलाश की जाएं।

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मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने ऐसे दर्शनीय स्थलों को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए है। जहां पर दूरबीन स्थापित की जा सकती है।

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने कहा है कि उत्तराखंड के भीतर ऐसे बेहद ही सारे व्यू प्वाइंट है, जहां से हिमालय की श्रृंखला पूरी तरह से दिखाई देती है।

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उन्होंने कहा है कि चारधाम यात्रा के दौरान गढ़वाल क्षेत्र में भीड़ बहुत ही ज्यादा होती है। ऐसे में कुमाऊं क्षेत्र विकसित होने के बाद धार्मिक स्थल और पर्यटक स्थल पर्यटकों के लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। इस मौके पर सचिव सचिन कुर्वे समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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